जमुई में जमाबंदी सुधार के लिए विशेष शिविर शुरू:एक दिन मे 500 रैयतों को राहत देने का लक्ष्य

जमुई में जमाबंदी सुधार के लिए विशेष शिविर शुरू:एक दिन मे 500 रैयतों को राहत देने का लक्ष्य

जमुई में राजस्व संबंधी तकनीकी जानकारी न होने से जमाबंदी सुधार और परिमार्जन के लिए परेशान रैयतों को राहत देने के लिए अंचल कार्यालय ने शुक्रवार को एक विशेष शिविर लगाया। इस शिविर में बड़ी संख्या में रैयत अपनी जमाबंदी में दर्ज गलतियों को सुधारने के लिए पहुंचे। मौके पर अंचल के अधिकारी सौरभ कुमार और सभी संबंधित राजस्व कर्मचारी उपस्थित थे। उन्होंने रैयतों के आवेदनों और जरूरी दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि कई रैयत परिमार्जन के लिए आवेदन तो कर देते हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता कि इस काम के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए। इस वजह से उनके आवेदन लंबित रह जाते हैं और उन्हें बार-बार कार्यालय आना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए शिविर में रैयतों के दस्तावेज और ऑनलाइन उपलब्ध सबूतों की मौके पर ही जांच की जा रही है। दस्तावेज सही पाए जाने पर जमाबंदी सुधार का काम तुरंत पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, शिविर के दौरान दोपहर करीब 12:30 बजे तक बड़ी संख्या में नए आवेदन मिल चुके थे। शाम तक शिविर चलने के कारण करीब 500 जमाबंदियों में सुधार करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे लगभग 500 रैयतों को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि जमुई अंचल में करीब 1.10 लाख से अधिक जमाबंदियां दर्ज हैं। अभी करीब 200 से 250 आवेदन लंबित हैं, जिन्हें पूरा किया जा रहा है। इसके अलावा, यह भी जानकारी मिली है कि करीब 2 से 3 हजार जमाबंदियों में रकबा शून्य दर्ज है। ऐसे मामलों को भी पहचान कर सुधार शुरू किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के शिविर से रैयत अपनी जमाबंदी जांचने के लिए जागरूक होंगे। रैयत अपनी जमाबंदी में कोई भी कमी मिलने पर जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकेंगे। सरकार की ‘ईज ऑफ लिविंग’ पहल के तहत आयोजित यह शिविर लोगों को राजस्व संबंधी कामों में सुविधा देने की एक कोशिश है। भविष्य में भी जरूरत के हिसाब से ऐसे शिविर लगाए जाएंगे। जमुई में राजस्व संबंधी तकनीकी जानकारी न होने से जमाबंदी सुधार और परिमार्जन के लिए परेशान रैयतों को राहत देने के लिए अंचल कार्यालय ने शुक्रवार को एक विशेष शिविर लगाया। इस शिविर में बड़ी संख्या में रैयत अपनी जमाबंदी में दर्ज गलतियों को सुधारने के लिए पहुंचे। मौके पर अंचल के अधिकारी सौरभ कुमार और सभी संबंधित राजस्व कर्मचारी उपस्थित थे। उन्होंने रैयतों के आवेदनों और जरूरी दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि कई रैयत परिमार्जन के लिए आवेदन तो कर देते हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता कि इस काम के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए। इस वजह से उनके आवेदन लंबित रह जाते हैं और उन्हें बार-बार कार्यालय आना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए शिविर में रैयतों के दस्तावेज और ऑनलाइन उपलब्ध सबूतों की मौके पर ही जांच की जा रही है। दस्तावेज सही पाए जाने पर जमाबंदी सुधार का काम तुरंत पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, शिविर के दौरान दोपहर करीब 12:30 बजे तक बड़ी संख्या में नए आवेदन मिल चुके थे। शाम तक शिविर चलने के कारण करीब 500 जमाबंदियों में सुधार करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे लगभग 500 रैयतों को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि जमुई अंचल में करीब 1.10 लाख से अधिक जमाबंदियां दर्ज हैं। अभी करीब 200 से 250 आवेदन लंबित हैं, जिन्हें पूरा किया जा रहा है। इसके अलावा, यह भी जानकारी मिली है कि करीब 2 से 3 हजार जमाबंदियों में रकबा शून्य दर्ज है। ऐसे मामलों को भी पहचान कर सुधार शुरू किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के शिविर से रैयत अपनी जमाबंदी जांचने के लिए जागरूक होंगे। रैयत अपनी जमाबंदी में कोई भी कमी मिलने पर जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकेंगे। सरकार की ‘ईज ऑफ लिविंग’ पहल के तहत आयोजित यह शिविर लोगों को राजस्व संबंधी कामों में सुविधा देने की एक कोशिश है। भविष्य में भी जरूरत के हिसाब से ऐसे शिविर लगाए जाएंगे।  

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