शामली में हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर शुक्रवार शाम 6 बजे उनके घर पर खाप चौधरियों और समाज के लोगों की पंचायत हुई। इसमें बालियान खाप के बाबा नरेश टिकैत, गठवाला खाप के बाबा श्याम सिंह समेत कई खापों के चौधरी, थांबेदार और बुजुर्ग शामिल हुए। पंचायत में अंकित को न्याय दिलाने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। तय किया गया कि पहले प्रशासन से बातचीत की जाएगी। इसके बाद ही आंदोलन को लेकर कोई फैसला होगा। पंचायत में परिवार और समाज के साथ खड़े रहने का फैसला पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि यह परिवार के लिए दुख का समय है। अंकित के परिवार के साथ पूरा गांव और समाज खड़ा है। सभी ने अपनी बात रखी। इसके बाद आपसी सहमति से तय हुआ कि अभी किसी आंदोलन या कार्यक्रम की तारीख घोषित नहीं की जाएगी। पहले शासन-प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। बातचीत में हत्याकांड से जुड़ी समस्याएं और मांगें रखी जाएंगी। शनिवार को डीएम-एसपी से होगी बातचीत बताया गया कि डीएम और एसपी ने शनिवार सुबह 11 बजे बातचीत के लिए समय दिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में होने वाली बैठक में बालियान खाप के बाबा नरेश टिकैत, गठवाला खाप के बाबा श्याम सिंह और अंतरराष्ट्रीय जाट सांसद के अध्यक्ष मनु चौधरी समेत अन्य खाप प्रतिनिधि शामिल होंगे। अधिकारियों के सामने अंकित हत्याकांड से जुड़ी मांगें रखी जाएंगी। उनसे यह भी पूछा जाएगा कि समस्याओं के समाधान में कितना समय लगेगा बातचीत के बाद तय होगी आगे की रणनीति पंचायत में कहा गया कि प्रशासन के जवाब के बाद दो से चार दिन का समय देने पर विचार किया जाएगा। हालात के अनुसार आगे का फैसला भी लिया जा सकता है। अगली बैठक में आंदोलन की तारीख और स्वरूप तय करने पर चर्चा होगी। मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी वक्ताओं ने कहा कि खाप की अगली बैठक केवल औपचारिकता नहीं होगी। अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का फैसला लिया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक परिसर में धरना देने और समस्या का समाधान होने तक संघर्ष जारी रखने की बात भी कही गई।
अभी प्रशासन से बातचीत का इंतजार पंचायत में मौजूद लोगों से अपील की गई कि वे शनिवार को होने वाली प्रशासन के साथ वार्ता का इंतजार करें। अधिकारियों से बातचीत के बाद सामने आने वाली परिस्थितियों के आधार पर सभी की सहमति से अगला फैसला लिया जाएगा। पंचायत में स्पष्ट किया गया कि अगला कदम आज, कल या परसों क्या होगा, इसका निर्णय प्रशासन से बातचीत के बाद ही होगा। जो भी फैसला लिया जाएगा, उसकी जानकारी समाज के सभी लोगों को दी जाएगी और उनकी सहमति से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

