भिंड जिले के मेहगांव के त्यागी मोहल्ले में बिजली लाइन सुधारते समय करंट लगने से 38 वर्षीय आउटसोर्स कर्मचारी रमेश बघेल की मौत हो गई। रमेश एलटी लाइन पर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली सप्लाई शुरू हो गई और वे करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। मेहगांव अस्पताल से ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जानकारी के मुताबिक, रमेश पुत्र सूबेलाल बघेल निवासी मौ रोड, हाल निवासी नखलौली अटेर, मेहगांव के त्यागी मोहल्ले में एलटी लाइन सुधारने का काम कर रहे थे। अचानक लाइन में बिजली सप्लाई शुरू होने से वे करंट की चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद लोगों और उनके साथियों ने उन्हें तुरंत मेहगांव अस्पताल पहुंचाया। ग्वालियर ले जाते समय मौत
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने रमेश को ग्वालियर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर ग्वालियर के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद बिजली कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लाइन पर काम शुरू करने से पहले बिजली सप्लाई बंद करने और संबंधित कर्मचारी के नाम से परमिट लेने की प्रक्रिया को लेकर सवाल हैं। कंपनी के अधिकारी नहीं दे सके जवाब
हादसे के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों से पूछा गया कि रमेश के नाम से लाइन का परमिट लिया गया था या नहीं। अधिकारी इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यह भी पता चलेगा कि लाइन पर काम के दौरान सुरक्षा की तय प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं। परिवार में अकेले कमाने वाले थे रमेश
रमेश आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में बिजली लाइन के काम से जुड़े थे। परिवार के अनुसार, वे घर में अकेले कमाने वाले थे। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजन हादसे की जिम्मेदारी तय करने और परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं।

