हरदोई में स्वाइन फ्लू का असर बढ़ता जा रहा है। जिले के मल्लावां निवासी 51 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति की लखनऊ के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, भरखनी की 18 वर्षीय नवप्रसूता भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गई है। नए मामले सामने आने के बाद जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। हालांकि, हरदोई मेडिकल कॉलेज में अब तक हुई 24 जांचों में एक भी मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। गुरुवार रात 8 बजे माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अदिति गर्ग ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट आने से पहले ही हो गई मौत मल्लावां निवासी 51 वर्षीय अधेड़ की तबीयत खराब होने पर उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 5 सितंबर को उनका सैंपल लिया गया था, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही 6 सितंबर को उनकी मौत हो गई। इसके बाद मेहंदीघाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मौत के बाद आई जांच रिपोर्ट में उनके स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। सिजेरियन डिलीवरी के बाद 18 वर्षीय महिला की हालत बिगड़ी भरखनी की 18 वर्षीय नवप्रसूता की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। इसके बाद उसे बुखार और झटके आने लगे। जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद उसे लखनऊ के केजीएमयू के क्वीनमैरी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा बावन की 42 वर्षीय महिला और भरावन के 76 वर्षीय बुजुर्ग का भी लखनऊ में इलाज चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज की 24 जांचों में एक भी पॉजिटिव नहीं हरदोई मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में अब तक 24 जांचें की गई हैं। इनमें एक भी मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधाओं की कमी या बीमारी के डर के कारण मरीज जिले में जांच और इलाज कराने से बच रहे हैं। ज्यादातर मरीज जांच और उपचार के लिए लखनऊ, बरेली और शाहजहांपुर के अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। इसके चलते मेडिकल कॉलेज का आइसोलेशन वार्ड भी खाली पड़ा है।
प्रभावित इलाकों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू मामले की गंभीरता को देखते हुए नोडल अधिकारी डॉ. सीबी सिंह और सर्विलांस अधिकारी सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है। सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर मरीजों की जानकारी जुटा रही हैं। मरीजों के संपर्क में आए लोगों को सावधानी के तौर पर प्रोफिलैक्सिस दवाएं दी जा रही हैं। स्वास्थ्य टीमों की ओर से एंटी-लार्वा छिड़काव भी कराया जा रहा है। इसकी जियोटैग रिपोर्ट सरकार को भेजी जा रही है।

