नूंह जिले के शहीद हवलदार रशीद अहमद की पत्नी मुबीना ने अपने पति को स्थायी सम्मान दिलाने की मांग की है। उन्होंने डीसी अखिल पिलानी को पत्र सौंपकर एक सरकारी स्कूल का नाम शहीद रशीद अहमद के नाम पर रखने की गुहार लगाई है। रशीद अहमद देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। मुबीना ने मांग की है कि राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नूंह या होडल चौक स्थित स्कूल का नाम शहीद रशीद अहमद के नाम पर रखा जाए। उनका कहना है कि इससे आने वाली पीढ़ियां भी उनके बलिदान को याद रख सकेंगी। छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान हुए थे शहीद पत्र के अनुसार, वार्ड नंबर-1, हामिद कॉलोनी नूंह निवासी हवलदार रशीद अहमद 3 सितंबर 2005 को छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे। शहीद की पत्नी ने बताया कि उनके पति की शहादत के सम्मान में स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने का प्रस्ताव पहले भी पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्यालय, गुरुग्राम के माध्यम से भेजा जा चुका है। मुबीना के मुताबिक, अप्रैल 2022 से मई 2026 तक लगातार पत्र व्यवहार के बावजूद करीब 4 साल बाद भी इस मांग पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है। शहीद परिवार अब प्रशासन से जल्द निर्णय की उम्मीद कर रहा है। डीसी बोले-संबंधित कमेटी को सौंप दिया पत्र शहीद की पत्नी ने कहा कि जिस जवान ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण दिए, उसके नाम को किसी शिक्षण संस्थान से जोड़ना सिर्फ परिवार का सम्मान नहीं है। यह पूरे क्षेत्र और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का विषय होगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द फैसला लेने और स्कूल का नाम शहीद हवलदार रशीद अहमद के नाम पर रखने की मांग की। इस मामले पर डीसी अखिल पिलानी ने बताया कि शहीद की पत्नी द्वारा दिया गया पत्र संबंधित कमेटी को सौंप दिया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

