Udaipur shop blast : उदयपुर। जिले के कुराबड़ थाना क्षेत्र के बंबोरा में उदयपुर-सलूंबर रोड पर सामुदायिक अस्पताल के सामने बस स्टैंड पर स्थित दुकान में अचानक हुए जोरदार धमाके से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। धमाका इतना भीषण था कि दुकान का भारी लोहे का शटर उड़ गया और अंदर रखा फ्रिज जोरदार दबाव के साथ बाहर आ गया। इस विस्फोट के कारण दुकान की छत ऊपर से कुछ जगहों पर छेद हो गई तथा दीवारों व छत में गहरी दरारें भी पड़ गईं।
पड़ोसी सहमे, उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
अचानक हुए इस जोरदार धमाके की आवाज से आसपास के पड़ोसी और ग्रामीण सहम गए और घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही कुराबड़ थानाधिकारी पवन सिंह मय जाप्ता तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।
गैस लीकेज और स्पार्क धमाके की वजह
पुलिस और विशेषज्ञ तकनीकी टीम ने दुकान के अंदर जाकर जब बारीकी से छानबीन की, तो स्पष्ट हुआ कि घटना में किसी प्रकार के विस्फोटक, बम या आपसी रंजिश जैसी कोई बात नहीं है। यह दुकान लालूराम पिता नाथू पटेल, निवासी पातुखेड़ा (ग्राम पंचायत सोमखेड़ा) किराए पर लेकर चला रहे थे।
जांच में सामने आया कि दुकान के भीतर गैस सिलेंडर व अन्य उपकरणों के कारण गैस लीकेज हुई और रात के वक्त हुए किसी शॉर्ट सर्किट या स्पार्क से जमा हुई गैस ने अचानक आग पकड़ ली। गैस के अत्यधिक प्रेशर और विस्फोट के कारण न केवल शटर और फ्रिज बाहर आ गए, बल्कि दुकान की छत और दीवारों को भी भारी क्षति पहुंची, इसमें छत पर कुछ जगहों पर छेद होने के साथ दरारें उभर आईं।
प्रशासनिक अमला पहुंचा, तैयार किया मौका पर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार सुबह प्रशासनिक व पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पूरी दुकान का मुआयना किया तथा स्थिति का जायजा लेते हुए मौका पर्चा तैयार किया। हल्का पटवारी पूजा जोशी, प्रशासक शंकर मीणा आदि की मौजूदगी में मौका पर्चा बनाया। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों एवं पड़ोसियों से पूछताछ कर विवरण दर्ज किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से गैस लीकेज और विद्युत स्पार्क का तकनीकी हादसा था, जिसमें नुकसान के अलावा कोई जनहानि नहीं हुई है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे थे
थानाधिकारी पवन सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि दुकान के भीतर कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे हुए थे। इनमें से एक बड़ा कमर्शियल सिलेंडर (19 लीटर) जो खाली था, उसे चूल्हे के पास रखा गया था। रात के वक्त चूल्हे और सिलेंडर के कनेक्शन से धीरे-धीरे गैस लीक हुई। दुकान पूरी तरह पैक होने और वेंटिलेशन न होने के कारण गैस अंदर ही जमा हो गई। ठीक उसी दौरान रात करीब 11:30 बजे बिजली आने के बाद हुए किसी मामूली शॉर्ट सर्किट या स्पार्क से उस जमा हुई गैस ने अचानक आग पकड़ ली। गैस के अत्यधिक प्रेशर और जलने से बने दबाव के कारण दुकान का शटर और फ्रिज पूरी ताकत से बाहर आ गए।

