सुलतानपुर के राणा प्रताप पीजी कॉलेज में गुरुवार को एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। जो दोपहर 1 बजे तक चला। इसमें वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. शिशिर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मशरूम की खेती मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि यह कम जगह और कम लागत में अच्छा आर्थिक और पोषण संबंधी लाभ देने वाला बेहतरीन व्यवसाय है। डॉ. शिशिर कुमार श्रीवास्तव महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में ‘बाबू धनंजय सिंह स्मृति अंतर्विषयक आंतरिक व्याख्यानमाला’ के तहत ‘मशरूम की खेती’ विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि मशरूम पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसे कोई भी खा सकता है। यह शरीर में पोटैशियम की कमी दूर करता है और इसे ज्यादा खाने पर भी शुगर नहीं बढ़ता। डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि मशरूम की खेती छोटे कमरे या छप्पर में कम पैसे लगाकर शुरू की जा सकती है। मौसम और बाजार के हिसाब से इसमें कम से कम तीस प्रतिशत या उससे ज्यादा का मुनाफा हो सकता है। एक फसल तैयार होने में करीब पैंतालीस से साठ दिन लगते हैं, जिससे साल में कई बार कमाई का मौका मिलता है। कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी ने दिया, जबकि संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रीति प्रकाश ने किया। इस मौके पर वाणिज्य संकायाध्यक्ष डॉ. विवेक सिंह और यशस्वी प्रताप सिंह के साथ कॉलेज के कई शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

