सदर अस्पताल में डीएम का निरीक्षण, सामने आईं कमियां:एमसीएच में उमस से बेहाल जच्चा-बच्चा, घर से पंखा ला रहे परिजन; खराब पंखा बदलने का दिया निर्देश

सदर अस्पताल में डीएम का निरीक्षण, सामने आईं कमियां:एमसीएच में उमस से बेहाल जच्चा-बच्चा, घर से पंखा ला रहे परिजन; खराब पंखा बदलने का दिया निर्देश

मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र (एमसीएच) में भर्ती प्रसूताओं और नवजातों को उमस के बीच रहना पड़ रहा है। वार्ड में लगे सरकारी पंखों से पर्याप्त हवा नहीं मिलने के कारण मरीज और उनके परिजन परेशान हैं। हालत यह है कि कई परिजन राहत के लिए घर से पंखा लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुधवार को सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कुमार गौरव के सामने भी मरीजों और परिजनों ने गर्मी, गंदगी और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें रखीं। डीएम ने एमसीएच की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एक पंखा खराब मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए उसे तत्काल बदलने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को मूलभूत सुविधाएं मिलना जरूरी है। इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। देखिए निरीक्षण की कुछ तस्वीरें.. उमस और गंदगी की शिकायत, डीएम ने दिए सुधार के निर्देश निरीक्षण के दौरान एमसीएच परिसर के कुछ हिस्सों में गंदगी मिली। इससे बदबू की स्थिति भी बनी हुई थी। डीएम ने सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को नियमित सफाई कराने तथा कचरे का समय पर निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मरीजों और परिजनों ने पेयजल और बाथरूम की व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की। डीएम ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों की शिकायतों का तत्काल समाधान करने और मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी का निर्देश दिया। ‘गर्मी से जच्चा-बच्चा बेचैन रहते हैं’ निरीक्षण के दौरान एमसीएच में बहू का इलाज करा रहे मुकेश ठाकुर ने डीएम से उमस और गंदगी की शिकायत की। ऑपरेशन के बाद बहू के साथ रह रहीं सुशीला देवी ने बताया कि गर्मी के कारण जच्चा-बच्चा परेशान रहते हैं। बाथरूम की सफाई ठीक नहीं होने और बदबू आने की भी शिकायत की गई। उन्होंने पीने का पानी उपलब्ध नहीं रहने की बात भी बताई। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि मरीजों की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाए और मौके पर ही समस्या का समाधान कराया जाए। एमएनसीयू के बाकी 13 बेड जल्द होंगे फंक्शनल निरीक्षण के दौरान डीएम ने एसएनसीयू को एमएनसीयू के रूप में विकसित किए जाने के बाद उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की। बताया गया कि एमएनसीयू के कुल 18 बेड में फिलहाल 5 बेड ही फंक्शनल हैं। डीएम ने बाकी 13 बेड को जल्द फंक्शनल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी 18 बेड चालू होने से प्रसूताओं और नवजातों को एक ही व्यवस्था में बेहतर चिकित्सा और निगरानी की सुविधा मिल सकेगी। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सिजेरियन डिलीवरी बढ़ने पर डॉ. प्रियंका को बधाई डीएम ने सदर अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की संख्या बढ़ने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इसके लिए उन्होंने डॉ. प्रियंका को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार और जिला कार्यक्रम प्रबंधक सलीम जावेद को निर्देश दिया कि अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा और क्षमता को और बेहतर किया जाए। डीएम ने कहा कि जरूरत के अनुसार प्रसूताओं को समय पर सिजेरियन की सुविधा मिलनी चाहिए। इसके लिए जरूरी उपकरण, चिकित्सक और अन्य संसाधन उपलब्ध रखने के साथ नियमित समीक्षा भी की जाए। रेफरल कम करने पर जोर डीएम ने कहा कि सदर अस्पताल में सिजेरियन की सुविधा मजबूत होने से मरीजों को अनावश्यक रूप से दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम होगी। प्रसूताओं को अस्पताल में ही जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाए। उन्होंने अस्पताल मैनेजर को नियमित रूप से सभी वार्डों का राउंड लेने और सामने आने वाली कमियों को तुरंत दूर कराने का निर्देश दिया। इमरजेंसी और नशा मुक्ति केंद्र का भी निरीक्षण डीएम ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और नशा मुक्ति केंद्र का भी निरीक्षण किया। नशा मुक्ति वार्ड को जल्द ही नए स्थान पर शिफ्ट करने की तैयारी है। डीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने और मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने का निर्देश दिया। मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र (एमसीएच) में भर्ती प्रसूताओं और नवजातों को उमस के बीच रहना पड़ रहा है। वार्ड में लगे सरकारी पंखों से पर्याप्त हवा नहीं मिलने के कारण मरीज और उनके परिजन परेशान हैं। हालत यह है कि कई परिजन राहत के लिए घर से पंखा लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुधवार को सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कुमार गौरव के सामने भी मरीजों और परिजनों ने गर्मी, गंदगी और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें रखीं। डीएम ने एमसीएच की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एक पंखा खराब मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए उसे तत्काल बदलने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को मूलभूत सुविधाएं मिलना जरूरी है। इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। देखिए निरीक्षण की कुछ तस्वीरें.. उमस और गंदगी की शिकायत, डीएम ने दिए सुधार के निर्देश निरीक्षण के दौरान एमसीएच परिसर के कुछ हिस्सों में गंदगी मिली। इससे बदबू की स्थिति भी बनी हुई थी। डीएम ने सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को नियमित सफाई कराने तथा कचरे का समय पर निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मरीजों और परिजनों ने पेयजल और बाथरूम की व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की। डीएम ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों की शिकायतों का तत्काल समाधान करने और मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी का निर्देश दिया। ‘गर्मी से जच्चा-बच्चा बेचैन रहते हैं’ निरीक्षण के दौरान एमसीएच में बहू का इलाज करा रहे मुकेश ठाकुर ने डीएम से उमस और गंदगी की शिकायत की। ऑपरेशन के बाद बहू के साथ रह रहीं सुशीला देवी ने बताया कि गर्मी के कारण जच्चा-बच्चा परेशान रहते हैं। बाथरूम की सफाई ठीक नहीं होने और बदबू आने की भी शिकायत की गई। उन्होंने पीने का पानी उपलब्ध नहीं रहने की बात भी बताई। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि मरीजों की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाए और मौके पर ही समस्या का समाधान कराया जाए। एमएनसीयू के बाकी 13 बेड जल्द होंगे फंक्शनल निरीक्षण के दौरान डीएम ने एसएनसीयू को एमएनसीयू के रूप में विकसित किए जाने के बाद उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की। बताया गया कि एमएनसीयू के कुल 18 बेड में फिलहाल 5 बेड ही फंक्शनल हैं। डीएम ने बाकी 13 बेड को जल्द फंक्शनल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी 18 बेड चालू होने से प्रसूताओं और नवजातों को एक ही व्यवस्था में बेहतर चिकित्सा और निगरानी की सुविधा मिल सकेगी। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सिजेरियन डिलीवरी बढ़ने पर डॉ. प्रियंका को बधाई डीएम ने सदर अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की संख्या बढ़ने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इसके लिए उन्होंने डॉ. प्रियंका को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार और जिला कार्यक्रम प्रबंधक सलीम जावेद को निर्देश दिया कि अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा और क्षमता को और बेहतर किया जाए। डीएम ने कहा कि जरूरत के अनुसार प्रसूताओं को समय पर सिजेरियन की सुविधा मिलनी चाहिए। इसके लिए जरूरी उपकरण, चिकित्सक और अन्य संसाधन उपलब्ध रखने के साथ नियमित समीक्षा भी की जाए। रेफरल कम करने पर जोर डीएम ने कहा कि सदर अस्पताल में सिजेरियन की सुविधा मजबूत होने से मरीजों को अनावश्यक रूप से दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम होगी। प्रसूताओं को अस्पताल में ही जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाए। उन्होंने अस्पताल मैनेजर को नियमित रूप से सभी वार्डों का राउंड लेने और सामने आने वाली कमियों को तुरंत दूर कराने का निर्देश दिया। इमरजेंसी और नशा मुक्ति केंद्र का भी निरीक्षण डीएम ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और नशा मुक्ति केंद्र का भी निरीक्षण किया। नशा मुक्ति वार्ड को जल्द ही नए स्थान पर शिफ्ट करने की तैयारी है। डीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने और मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने का निर्देश दिया।  

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