औरंगाबाद में हाइवा ने बाइक सवार को रौंदा, मौत:आक्रोशित ग्रामीणों ने टायर जलाकर किया प्रदर्शन, नो-एंट्री लागू करने की मांग

औरंगाबाद में हाइवा ने बाइक सवार को रौंदा, मौत:आक्रोशित ग्रामीणों ने टायर जलाकर किया प्रदर्शन, नो-एंट्री लागू करने की मांग

औरंगाबाद में नगर थाना क्षेत्र के रामाबांध बस स्टैंड के पास तेज रफ्तार अनियंत्रित हाइवा ने बाइक सवार युवक को रौंद दिया। हादसे में बाइक सवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद हाइवा चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना बुधवार रात की है। मृतक की पहचान रिसियप थाना क्षेत्र के मोख्तियारपुर गांव निवासी स्वर्गीय जनार्दन लाल के पुत्र विवेक कुमार सिन्हा के रूप में हुई है। घर लौट रहा था युवक, हाइवा ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार विवेक कुमार सिन्हा बुधवार की देर शाम बाइक से औरंगाबाद शहर से अपने पैतृक गांव लौट रहा था। इसी दौरान रामाबांध बस स्टैंड के समीप तेज रफ्तार हाईवा ने उसकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विवेक गंभीर रूप से कुचल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। शव की स्थिति देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। वहीं, फरार वाहन चालक की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। हादसे के बाद सड़क पर उतरे ग्रामीण, टायर जलाकर प्रदर्शन युवक की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों और स्थानीय व्यवसायियों ने सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर आवागमन बाधित किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों के बेलगाम परिचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि शहर में भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने के लिए नो-एंट्री व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा दुर्घटना के लिए जिम्मेदार हाईवा चालक को जल्द गिरफ्तार करने और मृतक के परिवार को उचित सरकारी मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई। परिवार का इकलौता कमाने वाला था विवेक सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाया और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और सड़क पर यातायात बहाल कराया गया। बताया जाता है कि विवेक पहले रांची में रहकर नौकरी करता था। कुछ समय पूर्व वह औरंगाबाद लौट आया था और यहां एक निजी कोरियर सेवा कंपनी में काम कर रहा था। परिजनों के अनुसार वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, गांव में भी मातमी सन्नाटा पसरा है। पुलिस फरार हाईवा और उसके चालक की पहचान में जुटी है। औरंगाबाद में नगर थाना क्षेत्र के रामाबांध बस स्टैंड के पास तेज रफ्तार अनियंत्रित हाइवा ने बाइक सवार युवक को रौंद दिया। हादसे में बाइक सवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद हाइवा चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना बुधवार रात की है। मृतक की पहचान रिसियप थाना क्षेत्र के मोख्तियारपुर गांव निवासी स्वर्गीय जनार्दन लाल के पुत्र विवेक कुमार सिन्हा के रूप में हुई है। घर लौट रहा था युवक, हाइवा ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार विवेक कुमार सिन्हा बुधवार की देर शाम बाइक से औरंगाबाद शहर से अपने पैतृक गांव लौट रहा था। इसी दौरान रामाबांध बस स्टैंड के समीप तेज रफ्तार हाईवा ने उसकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विवेक गंभीर रूप से कुचल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। शव की स्थिति देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। वहीं, फरार वाहन चालक की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। हादसे के बाद सड़क पर उतरे ग्रामीण, टायर जलाकर प्रदर्शन युवक की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों और स्थानीय व्यवसायियों ने सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर आवागमन बाधित किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों के बेलगाम परिचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि शहर में भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने के लिए नो-एंट्री व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा दुर्घटना के लिए जिम्मेदार हाईवा चालक को जल्द गिरफ्तार करने और मृतक के परिवार को उचित सरकारी मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई। परिवार का इकलौता कमाने वाला था विवेक सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाया और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और सड़क पर यातायात बहाल कराया गया। बताया जाता है कि विवेक पहले रांची में रहकर नौकरी करता था। कुछ समय पूर्व वह औरंगाबाद लौट आया था और यहां एक निजी कोरियर सेवा कंपनी में काम कर रहा था। परिजनों के अनुसार वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, गांव में भी मातमी सन्नाटा पसरा है। पुलिस फरार हाईवा और उसके चालक की पहचान में जुटी है।  

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