रांची समेत 11 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट:भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका, 40Kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

रांची समेत 11 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट:भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका, 40Kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में अगले दो दिन बारिश का दौर तेज होने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 10 सितंबर को रांची समेत 11 जिलों में भारी बारिश, गर्जन-वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इसको लेकर संबंधित जिलों में यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 और 11 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होगी। 11 सितंबर को गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा में भारी बारिश की संभावना है। जिलों की बात करें तो रांची में बादल छाए हुए हैं। कोडरमा में हल्की बारिश हो रही है। अन्य जिलों में बादलों की आवाजाही से दोपहर तक बारिश की उम्मीद जताई गई है। आज इन जिलों में ज्यादा बारिश आज रांची, रामगढ़, खूंटी, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा में भारी बारिश के साथ वज्रपात की आशंका है। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन करीब 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला है। इसके प्रभाव से उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यही सिस्टम झारखंड में बारिश बढ़ाएगा। 11 सितंबर को चार जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 11 सितंबर को गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा में वज्रपात के साथ भारी बारिश हो सकती है। रांची समेत बाकी जिलों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। अभिषेक आनंद ने बताया कि सिस्टम के प्रभाव से 11 सितंबर तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद भी मौसम में बदलाव जारी रहेगा। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है, जबकि उसके बाद दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री बढ़ने का अनुमान है। कांके में 20.5, धनबाद में 87 मिमी बारिश बुधवार को भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर राजधानी में दिखा। रांची में दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही और आसमान में बादल छाए रहे। कांके में 20.5 मिमी, जबकि रांची शहर में करीब एक मिमी बारिश दर्ज की गई। संताल और कोल्हान में भी अच्छी बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में धनबाद में सबसे ज्यादा 87 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। विभाग ने वज्रपात के दौरान लोगों को पेड़ों के नीचे नहीं जाने, खेतों में काम से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों और कच्चे मकानों से दूर रहने तथा बिजली के उपकरणों का उपयोग नहीं करने की सलाह दी है। 4% कम बारिश, 3 जिलों में सबसे ज्यादा घाटा 1 जून से अब तक के बारिश के आंकड़े बता रहे हैं कि झारखंड में कुल 840.5 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस दौरान सामान्य बारिश 873.8 मिमी होती है। यानी राज्य में बारिश 4% कम है। आंकड़ों के अनुसार 24 जिलों में से अधिकांश जिले सामान्य से कम बारिश वाले रहे हैं। सबसे ज्यादा कमी पाकुड़ में 48%, चतरा में 35% और देवघर में 34% दर्ज की गई है। गुमला में 25%, गिरिडीह, हजारीबाग और कोडरमा में 23-23% तथा साहिबगंज में 22% बारिश कम हुई। बोकारो में 12%, धनबाद में 3% और जामताड़ा में भी 3% की कमी है। वहीं रांची में सामान्य से 13% अधिक बारिश हुई है। राज्य में सबसे अधिक 1281.6 मिमी बारिश पश्चिमी सिंहभूम में हुई है। पूर्वी सिंहभूम में 7% और लोहरदगा में 5% अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में अगले दो दिन बारिश का दौर तेज होने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 10 सितंबर को रांची समेत 11 जिलों में भारी बारिश, गर्जन-वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इसको लेकर संबंधित जिलों में यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 और 11 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होगी। 11 सितंबर को गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा में भारी बारिश की संभावना है। जिलों की बात करें तो रांची में बादल छाए हुए हैं। कोडरमा में हल्की बारिश हो रही है। अन्य जिलों में बादलों की आवाजाही से दोपहर तक बारिश की उम्मीद जताई गई है। आज इन जिलों में ज्यादा बारिश आज रांची, रामगढ़, खूंटी, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा में भारी बारिश के साथ वज्रपात की आशंका है। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन करीब 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला है। इसके प्रभाव से उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यही सिस्टम झारखंड में बारिश बढ़ाएगा। 11 सितंबर को चार जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 11 सितंबर को गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा में वज्रपात के साथ भारी बारिश हो सकती है। रांची समेत बाकी जिलों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। अभिषेक आनंद ने बताया कि सिस्टम के प्रभाव से 11 सितंबर तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद भी मौसम में बदलाव जारी रहेगा। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है, जबकि उसके बाद दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री बढ़ने का अनुमान है। कांके में 20.5, धनबाद में 87 मिमी बारिश बुधवार को भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर राजधानी में दिखा। रांची में दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही और आसमान में बादल छाए रहे। कांके में 20.5 मिमी, जबकि रांची शहर में करीब एक मिमी बारिश दर्ज की गई। संताल और कोल्हान में भी अच्छी बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में धनबाद में सबसे ज्यादा 87 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। विभाग ने वज्रपात के दौरान लोगों को पेड़ों के नीचे नहीं जाने, खेतों में काम से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों और कच्चे मकानों से दूर रहने तथा बिजली के उपकरणों का उपयोग नहीं करने की सलाह दी है। 4% कम बारिश, 3 जिलों में सबसे ज्यादा घाटा 1 जून से अब तक के बारिश के आंकड़े बता रहे हैं कि झारखंड में कुल 840.5 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस दौरान सामान्य बारिश 873.8 मिमी होती है। यानी राज्य में बारिश 4% कम है। आंकड़ों के अनुसार 24 जिलों में से अधिकांश जिले सामान्य से कम बारिश वाले रहे हैं। सबसे ज्यादा कमी पाकुड़ में 48%, चतरा में 35% और देवघर में 34% दर्ज की गई है। गुमला में 25%, गिरिडीह, हजारीबाग और कोडरमा में 23-23% तथा साहिबगंज में 22% बारिश कम हुई। बोकारो में 12%, धनबाद में 3% और जामताड़ा में भी 3% की कमी है। वहीं रांची में सामान्य से 13% अधिक बारिश हुई है। राज्य में सबसे अधिक 1281.6 मिमी बारिश पश्चिमी सिंहभूम में हुई है। पूर्वी सिंहभूम में 7% और लोहरदगा में 5% अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है।  

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