अररिया में बुधवार को जिला स्तरीय एक दिवसीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के जिला नियोजनालय की ओर से संयुक्त श्रम भवन परिसर में आयोजित मेले में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। मेले में 18 निजी कंपनियों ने करीब 800 रिक्तियों के साथ हिस्सा लिया। विभिन्न कंपनियों ने 350 से अधिक युवाओं का अस्थायी तौर पर चयन किया। डीएम ने किया मेले का उद्घाटन मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी विनोद दूहन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास भी बेहद जरूरी है। डीएम ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी रुचि और क्षमता को पहचानकर संबंधित क्षेत्र में कौशल विकसित करें। इससे वे रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे और बेहतर अवसर हासिल कर पाएंगे। पहली बार रोजगार सेतु पोर्टल से आयोजन जिला नियोजनालय के अनुसार, अररिया में पहली बार नियोजन मेले का आयोजन पूरी तरह बिहार रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से किया गया। मेले के लिए जिले से करीब 1500 उम्मीदवारों ने पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। 1200 से अधिक बायोडाटा कंपनियों को मिले मेले में शामिल निजी कंपनियों को उम्मीदवारों की ओर से 1200 से अधिक बायोडाटा प्राप्त हुए। इनमें से 350 से अधिक अभ्यर्थियों का विभिन्न पदों के लिए अस्थायी तौर पर चयन किया गया। रोजगार के अवसर मिलने से युवाओं में उत्साह भी देखने को मिला। पांच सरकारी स्टॉल से मिली योजनाओं की जानकारी मेले में पांच सरकारी स्टॉल भी लगाए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से युवाओं को सरकारी योजनाओं, रोजगार के अवसरों और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। अधिकारियों और कर्मियों ने युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार उपलब्ध विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन दिया। अधिकारियों ने संभाली मेले की जिम्मेदारी नियोजन मेले का संचालन जिला नियोजन पदाधिकारी आदित्य प्रकाश, जिला कौशल प्रबंधक, कनीय सांख्यिकी सहायक और जिला नियोजनालय के कर्मचारियों ने किया। मौके पर अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), सहायक कोषागार पदाधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। नियोजनालय की ओर से आयोजित यह मेला जिले के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने और उन्हें कौशल विकास के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। अररिया में बुधवार को जिला स्तरीय एक दिवसीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के जिला नियोजनालय की ओर से संयुक्त श्रम भवन परिसर में आयोजित मेले में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। मेले में 18 निजी कंपनियों ने करीब 800 रिक्तियों के साथ हिस्सा लिया। विभिन्न कंपनियों ने 350 से अधिक युवाओं का अस्थायी तौर पर चयन किया। डीएम ने किया मेले का उद्घाटन मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी विनोद दूहन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास भी बेहद जरूरी है। डीएम ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी रुचि और क्षमता को पहचानकर संबंधित क्षेत्र में कौशल विकसित करें। इससे वे रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे और बेहतर अवसर हासिल कर पाएंगे। पहली बार रोजगार सेतु पोर्टल से आयोजन जिला नियोजनालय के अनुसार, अररिया में पहली बार नियोजन मेले का आयोजन पूरी तरह बिहार रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से किया गया। मेले के लिए जिले से करीब 1500 उम्मीदवारों ने पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। 1200 से अधिक बायोडाटा कंपनियों को मिले मेले में शामिल निजी कंपनियों को उम्मीदवारों की ओर से 1200 से अधिक बायोडाटा प्राप्त हुए। इनमें से 350 से अधिक अभ्यर्थियों का विभिन्न पदों के लिए अस्थायी तौर पर चयन किया गया। रोजगार के अवसर मिलने से युवाओं में उत्साह भी देखने को मिला। पांच सरकारी स्टॉल से मिली योजनाओं की जानकारी मेले में पांच सरकारी स्टॉल भी लगाए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से युवाओं को सरकारी योजनाओं, रोजगार के अवसरों और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। अधिकारियों और कर्मियों ने युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार उपलब्ध विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन दिया। अधिकारियों ने संभाली मेले की जिम्मेदारी नियोजन मेले का संचालन जिला नियोजन पदाधिकारी आदित्य प्रकाश, जिला कौशल प्रबंधक, कनीय सांख्यिकी सहायक और जिला नियोजनालय के कर्मचारियों ने किया। मौके पर अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), सहायक कोषागार पदाधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। नियोजनालय की ओर से आयोजित यह मेला जिले के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने और उन्हें कौशल विकास के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

