जमुई में गंदे पानी से गुजर रहे 150 बच्चे:स्कूल का रास्ता बना तालाब, ईंटों पर चलकर पहुंच रहे; संक्रमण का खतरा

जमुई में गंदे पानी से गुजर रहे 150 बच्चे:स्कूल का रास्ता बना तालाब, ईंटों पर चलकर पहुंच रहे; संक्रमण का खतरा

जमुई के बरहट प्रखंड की नुमर पंचायत के वार्ड नंबर-2 स्थित प्राथमिक विद्यालय केवाल में पढ़ने वाले बच्चों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। स्कूल के पास मुख्य सड़क पर करीब एक साल से नाले और बारिश का गंदा पानी जमा है। जलजमाव के कारण सड़क तालाब में तब्दील हो गई है। पानी में काई, गंदगी और मच्छरों का प्रकोप है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। छोटे-छोटे बच्चे इसी गंदे पानी के बीच से होकर रोज स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं। देखें, मौके से आई तस्वीरें… काई जमी सड़क पर ईंटों के सहारे पहुंचते हैं बच्चे सड़क पर लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण उस पर काई जम गई है। बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए दीवार के सहारे रखी ईंटों पर पैर रखकर आगे बढ़ना पड़ता है। बच्चों ने बताया कि उन्हें हर समय डर रहता है कि पैर फिसलने से वे गंदे पानी में गिर सकते हैं और उनकी स्कूल ड्रेस खराब हो सकती है। 150 बच्चे नामांकित, छोटे बच्चों को ज्यादा परेशानी विद्यालय के प्रधानाध्यापक नवीन कुमार मंडल ने बताया कि स्कूल में करीब 150 बच्चे नामांकित हैं। इनमें रोज 90 से 95 बच्चे स्कूल आते हैं। विद्यालय में छह शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि बड़े बच्चे तो किसी तरह ईंटों के सहारे स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों को काफी परेशानी होती है। बच्चों के स्कूल पहुंचने तक शिक्षक बाहर खड़े रहते हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से अंदर लाया जा सके। शिक्षकों की बाइक स्कूल परिसर तक नहीं पहुंचती जलजमाव का असर सिर्फ बच्चों पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों पर भी पड़ रहा है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण शिक्षक अपनी बाइक तक स्कूल परिसर में नहीं ले जा पाते हैं। प्रधानाध्यापक के अनुसार, बारिश के पानी के साथ नाले और नल-जल योजना का पानी भी सड़क पर जमा हो रहा है। पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से स्थिति लगातार बनी हुई है। BEO को दी गई जानकारी, कार्रवाई का मिला भरोसा प्रधानाध्यापक ने बताया कि जलजमाव की समस्या की जानकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) को दी गई है। BEO की ओर से समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सड़क से पानी की निकासी की व्यवस्था जल्द कराना जरूरी है। नाली निर्माण में जमीन विवाद, NOC जरूरी बरहट के BDO अनिल कुमार मिस्त्री ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में है। जॉइनिंग के बाद से ही वे समस्या के समाधान का प्रयास कर रहे हैं। पंचायत स्तर से एक योजना भी ली गई है और सड़क की नापी कराई जाएगी। BDO के अनुसार, कुछ लोग जमीन को निजी बताते हुए नाली निर्माण का विरोध कर रहे हैं। BDO बोले- जल्द समस्या का समाधान का प्रयास उन्होंने बताया कि सड़क का एक हिस्सा नेशनल हाईवे के इलाके में आता है। वहां काम कराने के लिए NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेना जरूरी है। इसके लिए संबंधित लोगों से बातचीत की जा रही है। BDO ने जल्द समस्या का समाधान कराने का प्रयास करने की बात कही है। जमुई के बरहट प्रखंड की नुमर पंचायत के वार्ड नंबर-2 स्थित प्राथमिक विद्यालय केवाल में पढ़ने वाले बच्चों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। स्कूल के पास मुख्य सड़क पर करीब एक साल से नाले और बारिश का गंदा पानी जमा है। जलजमाव के कारण सड़क तालाब में तब्दील हो गई है। पानी में काई, गंदगी और मच्छरों का प्रकोप है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। छोटे-छोटे बच्चे इसी गंदे पानी के बीच से होकर रोज स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं। देखें, मौके से आई तस्वीरें… काई जमी सड़क पर ईंटों के सहारे पहुंचते हैं बच्चे सड़क पर लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण उस पर काई जम गई है। बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए दीवार के सहारे रखी ईंटों पर पैर रखकर आगे बढ़ना पड़ता है। बच्चों ने बताया कि उन्हें हर समय डर रहता है कि पैर फिसलने से वे गंदे पानी में गिर सकते हैं और उनकी स्कूल ड्रेस खराब हो सकती है। 150 बच्चे नामांकित, छोटे बच्चों को ज्यादा परेशानी विद्यालय के प्रधानाध्यापक नवीन कुमार मंडल ने बताया कि स्कूल में करीब 150 बच्चे नामांकित हैं। इनमें रोज 90 से 95 बच्चे स्कूल आते हैं। विद्यालय में छह शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि बड़े बच्चे तो किसी तरह ईंटों के सहारे स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों को काफी परेशानी होती है। बच्चों के स्कूल पहुंचने तक शिक्षक बाहर खड़े रहते हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से अंदर लाया जा सके। शिक्षकों की बाइक स्कूल परिसर तक नहीं पहुंचती जलजमाव का असर सिर्फ बच्चों पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों पर भी पड़ रहा है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण शिक्षक अपनी बाइक तक स्कूल परिसर में नहीं ले जा पाते हैं। प्रधानाध्यापक के अनुसार, बारिश के पानी के साथ नाले और नल-जल योजना का पानी भी सड़क पर जमा हो रहा है। पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से स्थिति लगातार बनी हुई है। BEO को दी गई जानकारी, कार्रवाई का मिला भरोसा प्रधानाध्यापक ने बताया कि जलजमाव की समस्या की जानकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) को दी गई है। BEO की ओर से समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सड़क से पानी की निकासी की व्यवस्था जल्द कराना जरूरी है। नाली निर्माण में जमीन विवाद, NOC जरूरी बरहट के BDO अनिल कुमार मिस्त्री ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में है। जॉइनिंग के बाद से ही वे समस्या के समाधान का प्रयास कर रहे हैं। पंचायत स्तर से एक योजना भी ली गई है और सड़क की नापी कराई जाएगी। BDO के अनुसार, कुछ लोग जमीन को निजी बताते हुए नाली निर्माण का विरोध कर रहे हैं। BDO बोले- जल्द समस्या का समाधान का प्रयास उन्होंने बताया कि सड़क का एक हिस्सा नेशनल हाईवे के इलाके में आता है। वहां काम कराने के लिए NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेना जरूरी है। इसके लिए संबंधित लोगों से बातचीत की जा रही है। BDO ने जल्द समस्या का समाधान कराने का प्रयास करने की बात कही है।  

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