मिर्जापुर में गंगा का जलस्तर बुधवार सुबह स्थिर हो गया। केंद्रीय जल आयोग के ओझला ब्रिज गेज स्थल पर 9 सितंबर को सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 74.350 मीटर दर्ज किया गया। पिछले दो घंटे से जलस्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पानी घटने के बाद घाटों और आसपास के इलाकों में जमा कीचड़ अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। गंगा का चेतावनी स्तर 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर है। मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान से 3.374 मीटर नीचे है। वहीं, गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर 80.340 मीटर निर्धारित है। जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे होने के कारण तत्काल बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन प्रशासन निचले इलाकों में सतर्कता बनाए हुए है। गंगा किनारे पानी कम होने के बाद घाटों, संपर्क मार्गों और निचले इलाकों में कीचड़ की मोटी परत जम गई है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को घाटों तक पहुंचने में फिसलन का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर कीचड़ इतनी अधिक है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों पर फिसलन से परेशानी जलस्तर घटने के बाद घाटों की सीढ़ियों और आसपास के रास्तों पर बड़ी मात्रा में कीचड़ जमा हो गई है। इससे स्नान और पूजा-पाठ के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सावधानी बरतनी पड़ रही है। फिसलन के कारण घाट तक आने-जाने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी घटने के बाद घाटों की स्थिति को सामान्य करने के लिए जल्द सफाई जरूरी है। कीचड़ लंबे समय तक जमा रहने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। निचले इलाकों में अभी भी सतर्कता बरकरार गंगा का जलस्तर स्थिर होने से फिलहाल बाढ़ का तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। निचले इलाकों में एहतियात बरती जा रही है, ताकि जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी होने पर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार सुबह 8 बजे गंगा 74.350 मीटर पर थी। यह चेतावनी स्तर से भी 2.374 मीटर नीचे है और खतरे के निशान से 3.374 मीटर नीचे दर्ज की गई। कीचड़ की सफाई कराने की मांग स्थानीय लोगों ने घाटों और संपर्क मार्गों पर जमा कीचड़ को जल्द हटाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सफाई नहीं होने से श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों ने संबंधित विभाग से घाटों और रास्तों की सफाई कराकर आवाजाही सामान्य कराने की मांग की है। वहीं, प्रशासन गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और निचले क्षेत्रों में सतर्कता जारी रखी गई है।

