गांधी नगर से मालवीय नगर चौराहा तक 17.5 किमी लंबे रूट पर रविवार से मेट्रो आम यात्रियों के लिए शुरू हो गई। मालवीय नगर स्टेशन से चली पहली ट्रेन में सिर्फ 7 यात्री सवार हुए, लेकिन दोपहर बाद भीड़ बढ़ने लगी। शाम 4 बजे के बाद हर फेरे में करीब 40 से 50 यात्री पहुंचने लगे। पहले दिन कुल 6 हजार से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया और टिकट से करीब ढाई लाख रुपए की आय हुई। रविवार होने के कारण पहले दिन यात्री संख्या कम रही, लेकिन यात्रियों ने इसे आरामदायक और ट्रैफिक जाम से बचाने वाला बताया। हालांकि उनका कहना था कि नेटवर्क सीमित होने के कारण स्टेशन से गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो, ई-रिक्शा या रैपिडो का सहारा लेना पड़ रहा है। 16 स्टेशन… हर 15 मिनट में ट्रेन… 40 से 65 किमी रही रफ्तार एप से टिकट लेने में आईं कुछ तकनीकी दिक्कतें मालवीय नगर स्टेशन से सुबह चली पहली ट्रेन में 7 यात्री सवार हुए। इनमें देवास नाका क्षेत्र के आनंद चौकसे और उनकी पत्नी भी शामिल थे। पिछले साल गांधी नगर से मेट्रो शुरू हुई थी, तब भी उन्होंने पहली ट्रेन का टिकट लिया था। हालांकि मोबाइल एप से बुकिंग के दौरान उन्हें टिकट नहीं मिला पर पैसे कट गए। बाद में पत्नी के मोबाइल से टिकट बुक हो गया। – मंदसौर से आए राघवेंद्र सिंह ने भी भौंरासला स्टेशन से मेट्रो का सफर किया। वे बहन से मिलने मंदसौर आए थे। उन्होंने बताया कि ऑटो के मुकाबले मेट्रो का सफर बेहतर है। यात्री बोले- नेटवर्क बढ़े तो लाभ निजी कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर पुनीत दुबे सुबह पौने नौ बजे ही स्टेशन पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि यह उनका वर्किंग रूट नहीं है, पर मेट्रो का अनुभव लेने आए थे। मालवीय नगर निवासी धनराज चौहान ने बताया कि उनका काम अरबिंदो क्षेत्र में रहता है। उज्जैन जाना हो तो अब लवकुश चौराहा तक मेट्रो से जाने का विकल्प मिलेगा। रिदम, हर्षिक और ओम तीनों स्कूली छात्र गांधी नगर से एससी-3 तक मेट्रो में आए और फिर वापस गांधी नगर लौटे। उन्होंने कहा कि ऑटो की तुलना में मेट्रो सस्ता विकल्प है।

