इटावा शहर के रिहायशी इलाकों में रविवार रात करीब 9 बजे पांच-पांच फीट लंबे दो अजगर निकलने से लोगों में हड़कंप मच गया। पहला अजगर पुरबिया टोला में चूना चक्की के पास गली में नाली के नीचे छिपा मिला, जबकि दूसरा पक्का तालाब कॉलोनी में सरकारी क्वार्टर के पीछे दिखाई दिया। सूचना पर ओशन संस्था के महासचिव एवं सर्पमित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और दोनों अजगरों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। डॉ. आशीष त्रिपाठी ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक अजगरों को रेस्क्यू किया। अजगरों के दिखाई देने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए थे। सर्पमित्र ने लोगों को दूर रहने की सलाह देते हुए दोनों वन्यजीवों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला। रेस्क्यू किए गए दोनों अजगरों को सामाजिक वानिकी विभाग, इटावा के दिशा-निर्देशन में देर रात फिशर वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया। प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने के बाद रिहायशी इलाके के लोगों को भी राहत मिली और दोनों वन्यजीवों की जान भी बच गई। संरक्षित वन्यजीव हैं अजगर दोनों अजगर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीव हैं। ऐसे में इन्हें पकड़ने, मारने या नुकसान पहुंचाने के बजाय वन विभाग को सूचना देना जरूरी है। रिहायशी क्षेत्रों में इनके पहुंचने पर प्रशिक्षित सर्पमित्र की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू कराकर प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सकता है। सांप दिखे तो न करें छेड़छाड़ डॉ. आशीष त्रिपाठी ने लोगों से अपील की कि रिहायशी क्षेत्र में सांप या अजगर दिखाई देने पर उसे मारने अथवा खुद पकड़ने का प्रयास न करें। तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित सर्पमित्र को सूचना दें। उन्होंने सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय बिना देरी किए जिला अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराने की अपील की।

