धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने रानी पद्मावती के जौहर को कायरता कहा था। स्वरा बयान पर सफाई दे चुके हैं, लेकिन विवाद जारी है। अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के जौहर को ‘कायरता’ कहने वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जौहर कायरता नहीं, बल्कि बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। यह बयान पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में चल रही ‘हनुमत कथा’ के दूसरे दिन दिया गया। कार्यक्रम में दिए बयान के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनसे इस मुद्दे पर बिना बात किए रहा नहीं जा रहा था। धीरेंद्र शास्त्री- आप संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘एक तथाकथित महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बयान दिया। उस महिला ने जौहर को कायरता कहा। ऐ नाककटु, चंडालन, जौहर कायरता नहीं है, यह बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। आप जौहर की संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं?’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो लोग आस्था का विरोध करते हैं, वे जौहर को समझ ही नहीं सकते। कुछ लोग तो भईया को सईयां बना देते हैं, वे जौहर के बारे में क्या जानेंगे? अगर मेरी बातों से किसी को बुरा लगे या उनकी भावनाएं आहत हों, तो भी मैं सच ही कहूंगा।’ क्या था स्वरा भास्कर का पूरा बयान, क्यों हुआ विवाद? 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ टॉक में स्वरा ने फिल्म पद्मावत के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा ‘क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?’ एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, “यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही ‘छी’ कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था।” स्वरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। विवाद बढ़ने पर स्वरा ने दी सफाई
स्वरा के बयान पर विवाद हो गया। कुछ समय बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। मुझसे पूछा गया था कि पद्मावत देखने के बाद मैंने ओपन लेटर क्यों लिखा था। मैं साफ करना चाहती हूं कि मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा। अगर गाली देनी है तो सही बात पर दीजिए। मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है।” ‘क्या महिला की पवित्रता उसकी जान से ज्यादा कीमती है?’
स्वरा ने कहा कि देश में आज भी रेप एक महामारी जैसा बन चुका है। हाल ही में दिल्ली में चलती बस में हुए गैंगरेप का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो संदेश दें कि महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है? उन्होंने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक अपनी जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ी थी। किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कम नहीं आंकना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी से सोशल मीडिया पर हुई बहस
स्वरा के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका ने लिखा- ‘अगर विकल्प विजेताओं की गुलाम बनने और उनके हरम में रखी जाने वाली सेक्स स्लेव बनने के बीच हो, तो कई महिलाएं पहला विकल्प चुनेंगी। कुछ महिलाएं दूसरा विकल्प चुन सकती हैं। हालांकि, आप अपनी पसंद के अनुसार इनमें से किसी एक को चुन सकते हैं। आपकी इस पसंद से कोई सहमत हो या असहमत, इस पर बहस की जा सकती है, लेकिन यह एक चॉइस थी।’ इस पर जवाब देते हुए स्वरा ने लिखा, “प्रियंका जी, आप असल बात नहीं समझ रही हैं। बात जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद की नहीं, बल्कि इस बात की है कि हम किस चीज को महिमामंडित कर रहे हैं। क्या रेप के बाद किसी सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है?” क्या है पद्मावत का जौहर सीन
फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार ‘रानी पद्मावती’ किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है।
रानी पद्मावती का जौहर कायरता नहीं बहादुरी:स्वरा भास्कर के बयान पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री, धर्म परिवर्तन पर भी तंज कसा

