सुल्तानपुर के गोसाईंगंज बाजार में करीब छह दशकों से जन्माष्टमी मेला लगाया जा रहा है। शनिवार रात मेले के दूसरे दिन यहां सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। भारी बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में भक्त उमड़े, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी दिखी। मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर लखनऊ-बलिया हाइवे पर डेढ़ किलोमीटर के इलाके में सड़क के दोनों ओर राधा-कृष्ण के लगभग 15 पंडाल सजाए गए हैं। झालर आदि की सजावट से बाजार की रौनक बढ़ गई है। मेले में 100 से ज्यादा दुकानें लगी हैं, जिनमें खिलौने, महिलाओं के श्रृंगार और मिठाई की दुकानें शामिल हैं। इन दुकानों को प्रतापगढ़, जौनपुर जैसे जिलों से आए दुकानदारों ने चार दिन पहले ही लगा दिया था। इस मेले की तैयारी दस दिन पहले से की जाती है, जिसमें कई जिलों के श्रद्धालु पहुंचते हैं। चार दिन चलने वाले इस मेले का समापन सोमवार को होगा। समापन पर गाजे-बाजे के साथ विसर्जन शोभा यात्रा निकाली जाएगी और शहर स्थित गोमती नदी के सीताकुंड घाट पर प्रतिमाएं विसर्जित की जाएंगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कार्यक्रम करीब छह दशक से आयोजित किया जा रहा है। अधिवक्ता आलोक कुमार कसौधन ने प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि अनुमति होने के बावजूद बिजली सप्लाई ठीक नहीं थी। लगातार कटौती हो रही थी और बिजली अधिकारियों के नंबर बंद थे। हाइवे पर भारी भीड़ के बावजूद ट्रकों और अन्य वाहनों की आवाजाही और पुलिस की कमी पर भी उन्होंने रोष जताया। हालांकि, शोभा यात्रा के दौरान एसएचओ अखंड देव मिश्रा कई दरोगा और सिपाहियों के साथ व्यवस्था बनाए रखने में लगे रहे। यहां राधा-कृष्ण मंदिर में आए श्रद्धालु माथा टेकते हैं। झांकियों के आगे रात भर सेल्फी लेने का दौर चलता रहा। मेले में डीजे प्रतियोगिता भी कराई जाती है और चार दिनों तक लगातार युवकों द्वारा भंडारे का आयोजन किया जाता है।

