वाराणसी में सनातन पर रितेश्वर महाराज का बड़ा बयान:हिंदू राष्ट्र के सवाल पर बोले- भारत की आत्मा सनातन, जातिवाद से खतरा

वाराणसी में सनातन पर रितेश्वर महाराज का बड़ा बयान:हिंदू राष्ट्र के सवाल पर बोले- भारत की आत्मा सनातन, जातिवाद से खतरा

वाराणसी में कथावाचक सतगुरु रितेश्वर महाराज ने कहा कि भारत की आत्मा सनातन है और देश को अपनी इसी चेतना को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मथुरा-वृंदावन का प्रेम और काशी का ज्ञान जब एक साथ आएगा, तभी भारत अपनी वास्तविक शक्ति को पहचान सकेगा। वह शुक्रवार को बाबतपुर स्थित एक होटल में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे वहां उन्होंने पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। जन्माष्टमी के मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ ब्रज के विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए वहां गए हैं, जबकि वह मथुरा-वृंदावन के प्रेम और भक्ति की भावना लेकर काशी आए हैं। उन्होंने इसे सनातन परंपरा में प्रेम और ज्ञान के मिलन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की मर्यादा, काशी का ज्ञान, मथुरा-वृंदावन का प्रेम और आधुनिक विज्ञान मिलकर भारत को आगे ले जा सकते हैं। 6.5 लाख गांवों में छोटे स्तर पर विकसित किये जा रहे गुरुकुल रितेश्वर महाराज ने कहा कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कार और संस्कृति की समझ देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि देश के करीब 6.5 लाख गांवों में छोटे स्तर पर गुरुकुलम के संस्कार केंद्र विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में गुरुकुलम स्थापित होने के बाद सनातन विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और संतों की मौजूदगी की संभावना उन्होंने जताई। मतभेद इतना न बढ़े की राष्ट्र का नुकसान हो विपक्ष के बयानों पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। सत्ता पक्ष को अपने काम से जवाब देना चाहिए। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की बात करना गलत नहीं है, लेकिन मतभेद इतना न बढ़े कि उससे राष्ट्र को नुकसान हो। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन भी लोकतंत्र का हिस्सा है और जायज मांगों को सरकार को संवेदनशीलता से सुनना चाहिए।

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