शुक्रवार को जन्माष्टमी पर अलीगढ़ कृष्णमय नजर आया। शहर के प्रमुख मंदिरों से लेकर पुलिस लाइन, पीएसी, रेलवे और जिला जेल तक जन्मोत्सव की धूम रही। टीकाराम और श्री वार्ष्णेय मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी तो पीएसी और रेलवे मनोरंजन सदन में मेले जैसा नजारा दिखाई दिया। जगह-जगह झांकियां सजी हैं और भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु रात 12 बजे होने वाले कृष्ण जन्म का इंतजार कर रहे हैं।
वार्ष्णेय-टीकाराम मंदिर में भीड़
शाम होते ही शहर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई। टीकाराम मंदिर और श्री वार्ष्णेय मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं। कृष्ण जन्म के समय विशेष आरती होगी।
पीएसी-रेलवे मनोरंजन सदन में मेले जैसा नजारा
पीएसी परिसर और रेलवे मनोरंजन सदन में जन्माष्टमी पर खास आयोजन किए गए हैं। सजावट, झांकियों और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। बच्चों और परिवारों के लिए आयोजन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
पुलिस लाइन में अधिकारी-नेताओं की आवाजाही
पुलिस लाइन में भी जन्माष्टमी का आयोजन चल रहा है। पुलिसकर्मियों के परिवारों के साथ अधिकारी और नेता भी कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। यहां झांकियों और सजावट के बीच कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां चल रही हैं।
जेल में भी कृष्ण जन्मोत्सव
जिला जेल में भी जन्माष्टमी मनाई जा रही है। परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी सजाई गई है और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रात में कृष्ण जन्म के अवसर पर विशेष आयोजन होगा।
घरों में हिंडोले, बाजारों में रौनक
शहर के घरों में बाल गोपाल के लिए हिंडोले सजाए गए हैं। बच्चों ने राधा-कृष्ण की पोशाक पहनने की तैयारी की है। बाजारों में मुकुट, मोरपंख, बांसुरी, कान्हा की पोशाक, झूले और सजावटी सामान की खरीदारी के लिए भीड़ है।
रात 12 बजे गूंजेगा ‘नंद के घर आनंद भयो’
दिनभर व्रत रखने के बाद श्रद्धालु रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का इंतजार करेंगे। जन्म के समय मंदिरों और आयोजन स्थलों पर शंख-घंटे गूंजेंगे। आरती के बाद प्रसाद वितरण होगा। कई स्थानों पर इसके बाद भी देर रात तक भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम चलते रहेंगे।
सुरक्षा और यातायात पर भी नजर
प्रमुख मंदिरों और आयोजन स्थलों पर भीड़ को देखते हुए पुलिस और यातायात पुलिस की व्यवस्था सक्रिय है। श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

