स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का इंस्पेक्शन:शेखपुरा में अधिकारियों ने की 2 दिन जांच, गड़बड़ी पर कार्रवाई की चेतावनी

स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का इंस्पेक्शन:शेखपुरा में अधिकारियों ने की 2 दिन जांच, गड़बड़ी पर कार्रवाई की चेतावनी

शेखपुरा जिले में सरकारी योजनाओं और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए गुरुवार को एक प्रशासनिक जांच अभियान चलाया गया। डीएम शेखर आनंद के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों में वरिष्ठ और प्रखंड स्तर के अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने पंचायतों में पहुंचकर सरकारी दफ्तरों और योजनाओं का निरीक्षण किया। हाल ही में हुई अधिकारियों की बैठक में जिला प्रशासन ने तय किया था कि सभी प्रखंडों के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक/उप स्वास्थ्य केंद्रों की असल स्थिति देखी जाए। इस जांच का मुख्य मकसद सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में मिल रही सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना था। स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों की जांच साथ ही, पोषण योजनाओं, मिड-डे मील और दवाओं की उपलब्धता का सही आकलन करना था। शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और आंगनवाड़ी सेविका/सहायिकाओं की उपस्थिति और भवनों की स्थिति भी जांची गई। डीएम के आदेश के मुताबिक, हर जांच अधिकारी को अपनी तय पंचायत में प्राथमिक/माध्यमिक स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र की जांच करके रिपोर्ट बनाने को कहा गया था। दो दिनों तक चला निरीक्षण अभियान यह जांच 2 और 3 सितंबर को हुई। इसकी आखिरी रिपोर्ट गुरुवार शाम तक जिला गोपनीय शाखा को देनी है। अलग-अलग पंचायतों में अधिकारियों ने किया निरीक्षण इस अभियान में जिले के कई प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को लगाया गया था। इनमें शेखपुरा प्रखंड की औधे पंचायत में डीटीओ बेबी कुमारी और गगरी पंचायत में जिला पंचायत राज पदाधिकारी स्वाती कुमारी शामिल थीं। हजरतपुर मड़रों में अपर समाहर्त्ता-सह-जिला भू अर्जन पदाधिकारी संजय कुमार ने जांच की। महसार में शेखपुरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी शिव शंकर राय मौजूद थे। बरबीघा के डीहकुसुम्भा में अपर समाहर्त्ता धर्मेन्द्र कुमार, माफो में भूमि सुधार उप समाहर्त्ता मृत्युंजय कुमार और कुटौत में जिला कृषि पदाधिकारी गौरव कुमार ने निरीक्षण किया। मलदाह में बरबीघा के प्रखंड विकास पदाधिकारी आलोक रंजन, तेउस में जिला शिक्षा पदाधिकारी मो० तनवीर आलम और सनैया में अरियरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने जांच की। डिजिटल फॉर्म और क्यूआर कोड से हुई जांच कसार में घाटकुसुम्भा के जिला विकास पदाधिकारी आर्य गौतम, लोहान में अपर समाहर्त्ता संजय कुमार (विभागीय जांच) और पानापुर में घाटकुसुम्भा की प्रखंड विकास पदाधिकारी आकृति ने भी निरीक्षण किया। बेलाव प्रियंका कुमारी अनुमंडल पदाधिकारी, शेखपुरा, एकरामा अमर कुमार प्रखंड विकास पदाधिकारी, चेवाड़ा,शेखोपुरसराय अमबारी अमित गौरव प्रखंड विकास पदाधिकारी, शेखोपुरसराय को लगाया गया। ​ निरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए जिला प्रशासन शेखपुरा द्वारा विशेष Google Forms लिंक और QR कोड आधारित डिजिटल निरीक्षण प्रपत्र जारी किए गए थे। ​ लापरवाही मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई आंगनवाड़ी केंद्र निरीक्षण सर्वेक्षण प्रपत्र ​जांच अधिकारियों ने मौके पर ही उपस्थिति, सुविधाओं की स्थिति और तस्वीरों को ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से अपलोड किया।​ जांच रिपोर्ट समेकित होने के बाद डीएम द्वारा समीक्षा की जाएगी। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच के दौरान पाई गई किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता, अनाधिकृत अनुपस्थिति या मूलभूत सुविधाओं की कमी पर संबंधित कर्मियों व अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुकूल सख्तअनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शेखपुरा जिले में सरकारी योजनाओं और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए गुरुवार को एक प्रशासनिक जांच अभियान चलाया गया। डीएम शेखर आनंद के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों में वरिष्ठ और प्रखंड स्तर के अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने पंचायतों में पहुंचकर सरकारी दफ्तरों और योजनाओं का निरीक्षण किया। हाल ही में हुई अधिकारियों की बैठक में जिला प्रशासन ने तय किया था कि सभी प्रखंडों के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक/उप स्वास्थ्य केंद्रों की असल स्थिति देखी जाए। इस जांच का मुख्य मकसद सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में मिल रही सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना था। स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों की जांच साथ ही, पोषण योजनाओं, मिड-डे मील और दवाओं की उपलब्धता का सही आकलन करना था। शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और आंगनवाड़ी सेविका/सहायिकाओं की उपस्थिति और भवनों की स्थिति भी जांची गई। डीएम के आदेश के मुताबिक, हर जांच अधिकारी को अपनी तय पंचायत में प्राथमिक/माध्यमिक स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र की जांच करके रिपोर्ट बनाने को कहा गया था। दो दिनों तक चला निरीक्षण अभियान यह जांच 2 और 3 सितंबर को हुई। इसकी आखिरी रिपोर्ट गुरुवार शाम तक जिला गोपनीय शाखा को देनी है। अलग-अलग पंचायतों में अधिकारियों ने किया निरीक्षण इस अभियान में जिले के कई प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को लगाया गया था। इनमें शेखपुरा प्रखंड की औधे पंचायत में डीटीओ बेबी कुमारी और गगरी पंचायत में जिला पंचायत राज पदाधिकारी स्वाती कुमारी शामिल थीं। हजरतपुर मड़रों में अपर समाहर्त्ता-सह-जिला भू अर्जन पदाधिकारी संजय कुमार ने जांच की। महसार में शेखपुरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी शिव शंकर राय मौजूद थे। बरबीघा के डीहकुसुम्भा में अपर समाहर्त्ता धर्मेन्द्र कुमार, माफो में भूमि सुधार उप समाहर्त्ता मृत्युंजय कुमार और कुटौत में जिला कृषि पदाधिकारी गौरव कुमार ने निरीक्षण किया। मलदाह में बरबीघा के प्रखंड विकास पदाधिकारी आलोक रंजन, तेउस में जिला शिक्षा पदाधिकारी मो० तनवीर आलम और सनैया में अरियरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने जांच की। डिजिटल फॉर्म और क्यूआर कोड से हुई जांच कसार में घाटकुसुम्भा के जिला विकास पदाधिकारी आर्य गौतम, लोहान में अपर समाहर्त्ता संजय कुमार (विभागीय जांच) और पानापुर में घाटकुसुम्भा की प्रखंड विकास पदाधिकारी आकृति ने भी निरीक्षण किया। बेलाव प्रियंका कुमारी अनुमंडल पदाधिकारी, शेखपुरा, एकरामा अमर कुमार प्रखंड विकास पदाधिकारी, चेवाड़ा,शेखोपुरसराय अमबारी अमित गौरव प्रखंड विकास पदाधिकारी, शेखोपुरसराय को लगाया गया। ​ निरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए जिला प्रशासन शेखपुरा द्वारा विशेष Google Forms लिंक और QR कोड आधारित डिजिटल निरीक्षण प्रपत्र जारी किए गए थे। ​ लापरवाही मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई आंगनवाड़ी केंद्र निरीक्षण सर्वेक्षण प्रपत्र ​जांच अधिकारियों ने मौके पर ही उपस्थिति, सुविधाओं की स्थिति और तस्वीरों को ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से अपलोड किया।​ जांच रिपोर्ट समेकित होने के बाद डीएम द्वारा समीक्षा की जाएगी। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच के दौरान पाई गई किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता, अनाधिकृत अनुपस्थिति या मूलभूत सुविधाओं की कमी पर संबंधित कर्मियों व अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुकूल सख्तअनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

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