ISRO ने EOS-05 सैटेलाइट लॉन्च किया:36 हजार किलोमीटर ऊपर से पाकिस्तान-चीन पर नजर रखेगा; आपदा में भी मदद करेगा

ISRO ने EOS-05 सैटेलाइट लॉन्च किया:36 हजार किलोमीटर ऊपर से पाकिस्तान-चीन पर नजर रखेगा; आपदा में भी मदद करेगा

इसरो ने गुरुवार की देर रात श्रीहरिकोटा से 2:55 बजे GSLV-F17 रॉकेट से EOS-05 लॉन्च किया। यह मिशन GIST-1 की विफलता के करीब पांच साल बाद होगा। EOS-05 एक इमेजिंग सैटेलाइट है। यह 36 हजार किलोमीटर ऊपर रहकर भारत के बड़े हिस्से की तस्वीरें लेगा। पाकिस्तान-चीन की बॉर्डर समेत कई इलाकों पर नजर रख सकेगा। ISRO करीब आठ महीने बाद कोई लॉन्च करने जा रहा है। इससे पहले जनवरी 2026 और मार्च 2025 में ISRO के दो लॉन्च नाकाम रहे थे। श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुआ मिशन GSLV-F17 भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल कार्यक्रम की 19वीं उड़ान थी। इसे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के सेकेंड लॉन्च पैड से उड़ाया गया। रॉकेट EOS-05 को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट यानी सब-जीटीओ में पहुंचाएगा। इस मिशन में चार मीटर व्यास वाला ओजीव कंपोजिट पेलोड फेयरिंग इस्तेमाल होगा। 2021 में GISAT-1 मिशन हुआ था फेल अगस्त 2021 में इसरो ने जीएसएलवी-एफ10 से जीआईएसएटी-1 लॉन्च करने की कोशिश की थी। क्रायोजेनिक स्टेज में रॉकेट को समस्या आने के बाद मिशन फेल हो गया था। इसके चलते सैटेलाइट ऑर्बिट तक नहीं पहुंच पाया। जीआईएसएटी-1 को जियोस्टेशनरी ऑर्बिट से भारतीय उपमहाद्वीप की करीब-करीब रियल टाइम इमेजिंग के लिए तैयार किया गया था। ISRO के पिछले 2 लॉन्च फेल हुए PSLV-C62- 12 जनवरी 2026 को यह रॉकेट रक्षा DRDO के ‘अन्वेषा’ उपग्रह और 15 अन्य सह-यात्री उपग्रहों को ले जा रहा था, लेकिन तीसरे चरण में अनियंत्रित होने के कारण मिशन फेल हो गया। PSLV-C61-18 मई 2025 को इस मिशन का उद्देश्य अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-09 को कक्षा में स्थापित करना था, लेकिन तीसरे चरण में कंबशन चैंबर प्रेशर अचानक गिरने से मिशन असफल रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *