खगड़िया जिले के सभी प्रखंडों की दो-दो ग्राम पंचायतों में मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए गए। इसी क्रम में तेतराबाद पंचायत में आयोजित शिविर में जिलाधिकारी विक्रम विरकर खुद पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अलग-अलग विभागों के स्टॉल का जायजा लेकर लोगों को मिल रही सेवाओं की जानकारी भी ली। तेतराबाद पंचायत में आयोजित शिविर में 12 विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। इनमें खाद्य आपूर्ति, सांख्यिकी, जन्म-मृत्यु निबंधन, बिजली विभाग और आरटीपीएस समेत अन्य विभाग शामिल थे। ग्रामीणों ने स्टॉल पर पहुंचकर अपनी समस्याएं और आवेदन अधिकारियों को दिए। साथ ही सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जुड़ी जानकारी भी ली। आवेदन लिखने और ऑनलाइन प्रक्रिया में मिली मदद शिविर में ऐसे लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, जिन्हें आवेदन लिखने या पढ़ने-लिखने में परेशानी होती है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में भी ग्रामीणों की मदद की गई। योग्य लोगों को योजनाओं से जोड़ने का निर्देश डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं और जरूरी सेवाओं के लाभ से वंचित न रहे। शिविर में प्राप्त आवेदनों और शिकायतों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने और संबंधित लोगों को कार्रवाई की जानकारी देने को भी कहा। छोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे डीएम विक्रम विरकर ने बताया कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करना है। उन्होंने कहा कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए प्रखंड और जिला कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए पंचायत स्तर पर ही अधिक से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। संवेदनशीलता से शिकायतों का समाधान करने के निर्देश जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आम लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और शिकायतों के समाधान में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। शिविर के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद हुआ, जिससे लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा मिली। खगड़िया जिले के सभी प्रखंडों की दो-दो ग्राम पंचायतों में मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए गए। इसी क्रम में तेतराबाद पंचायत में आयोजित शिविर में जिलाधिकारी विक्रम विरकर खुद पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अलग-अलग विभागों के स्टॉल का जायजा लेकर लोगों को मिल रही सेवाओं की जानकारी भी ली। तेतराबाद पंचायत में आयोजित शिविर में 12 विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। इनमें खाद्य आपूर्ति, सांख्यिकी, जन्म-मृत्यु निबंधन, बिजली विभाग और आरटीपीएस समेत अन्य विभाग शामिल थे। ग्रामीणों ने स्टॉल पर पहुंचकर अपनी समस्याएं और आवेदन अधिकारियों को दिए। साथ ही सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जुड़ी जानकारी भी ली। आवेदन लिखने और ऑनलाइन प्रक्रिया में मिली मदद शिविर में ऐसे लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, जिन्हें आवेदन लिखने या पढ़ने-लिखने में परेशानी होती है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में भी ग्रामीणों की मदद की गई। योग्य लोगों को योजनाओं से जोड़ने का निर्देश डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं और जरूरी सेवाओं के लाभ से वंचित न रहे। शिविर में प्राप्त आवेदनों और शिकायतों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने और संबंधित लोगों को कार्रवाई की जानकारी देने को भी कहा। छोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे डीएम विक्रम विरकर ने बताया कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करना है। उन्होंने कहा कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए प्रखंड और जिला कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए पंचायत स्तर पर ही अधिक से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। संवेदनशीलता से शिकायतों का समाधान करने के निर्देश जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आम लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और शिकायतों के समाधान में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। शिविर के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद हुआ, जिससे लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा मिली।

