विजिलेंस विभाग की टीम ने तरनतारन सिविल अस्पताल में तैनात एक क्लास फोर कर्मचारी को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी की पहचान दीपक कुमार के रूप में हुई है, जो सिविल अस्पताल के तहत आने वाले गांव थारू के रिहैबिलिटेशन सेंटर में काम करता है। शिकायतकर्ता चरणजीत सिंह ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि दीपक कुमार उससे धारा 326 की रिपोर्ट लगाने के लिए 1.5 लाख रुपए मांग रहा था। चरणजीत सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी उसकी पत्नी के गूगल पे अकाउंट के जरिए हजारों रुपए ले चुका था। पहले भी ले चुका हजारों रुपए शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस डिपार्टमेंट ने सिविल अस्पताल में जाल बिछाया और दीपक कुमार को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। विजिलेंस पुलिस स्टेशन में दीपक कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस टीम कर रही पूछताछ विजिलेंस टीम ने आरोपी के खिलाफ विजिलेंस पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है। टीम यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इससे पहले किन लोगों से रिश्वत ली है और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।

