झालावाड़ में खाद्य सुरक्षा योजना में फर्जी तरीके से 1,104 अपात्र परिवारों को अंत्योदय श्रेणी में शामिल कर एक साल से अधिक समय में करीब 463 मीट्रिक टन गेहूं का उठाव कराने का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की जांच में अधिकारियों की आईडी का दुरुपयोग कर ई-मित्र केन्द्रों के जरिए एपीएल परिवारों की श्रेणी बदलने का खुलासा हुआ। मामले में 8 ई-मित्र केन्द्रों के लाइसेंस निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। वहीं, गलत तरीके से गेहूं उठाने वाले परिवारों से 27.50 रुपए प्रति किलो की दर से वसूली की जाएगी। जिला कलेक्टर ने संलिप्त ई-मित्र संचालकों व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों की आईडी का हुआ दुरुपयोग जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देश पर जिला रसद विभाग ने मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत निःशुल्क गेहूं का लाभ दिलाने के लिए कुछ अपात्र परिवारों के नाम योजना में जोड़े गए थे। इस दौरान 1,104 परिवारों के एपीएल से अंत्योदय श्रेणी में परिवर्तित होने की पुष्टि हुई। जांच के अनुसार इन परिवारों ने एक वर्ष से अधिक अवधि में करीब 463 मीट्रिक टन गेहूं का उठाव किया। अधिकारियों की आईडी का इस्तेमाल कर ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से परिवारों की श्रेणी बदलने की बात जांच में सामने आई। 8 ई-मित्र केन्द्रों पर कार्रवाई मामले में जांच के दौरान 8 ई-मित्र केन्द्रों और संविदा सूचना सहायक गौतम नागर सहित संबंधित व्यक्तियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सभी 8 ई-मित्र केन्द्रों के लाइसेंस निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया है। गौतम नागर सहित अन्य संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। 27.50 रुपए किलो से होगी वसूली जिला प्रशासन ने गलत तरीके से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ लेकर खाद्यान्न उठाने वाले संबंधित परिवारों एवं व्यक्तियों को नोटिस जारी किए हैं। उनसे उठाए गए खाद्यान्न की 27.50 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से वसूली की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य योजना का लाभ वास्तविक पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक सुनिश्चित करना है। संलिप्त ई-मित्र संचालकों पर FIR के निर्देश प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिला रसद अधिकारी को अवैध रूप से नाम जोड़ने और योजना का गलत लाभ दिलाने में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि योजना का अनुचित लाभ लेने या ऐसी अनियमितताओं में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

