शेखपुरा में सिरारी थाना पुलिस ने जानलेवा हमले और चोरी के पुराने मामलों में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। नीतीश कुमार नामक यह आरोपी भदौस गांव से पकड़ा गया। स्थानीय कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर भदौस गांव में छापेमारी कर आरोपी नीतीश कुमार को धर दबोचा। वह वासुकी सिंह का पुत्र बताया गया है। छापेमारी का नेतृत्व सिरारी थाना अध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी और पुलिस सब इंस्पेक्टर निखिल भास्कर ने संयुक्त रूप से किया। थाना अध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश इलाके का शातिर चोर है। सिरारी थाना में उसके खिलाफ चोरी, मारपीट और जानलेवा हमले जैसे 9 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि नीतीश कुमार जानलेवा हमले और चोरी के दो अलग-अलग मामलों में पिछले 6 वर्षों से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी न होने पर स्थानीय कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट (लाल वारंट) जारी करते हुए उसे भगोड़ा घोषित किया था। आरोपी गिरफ्तारी के डर से कहीं और छिपा हुआ था और हाल ही में अपने घर लौटा था। पुलिस को इसकी गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद एक टीम गांव पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस सब इंस्पेक्टर निखिल भास्कर की निगरानी में शेखपुरा जेल भेज दिया गया। शेखपुरा में सिरारी थाना पुलिस ने जानलेवा हमले और चोरी के पुराने मामलों में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। नीतीश कुमार नामक यह आरोपी भदौस गांव से पकड़ा गया। स्थानीय कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर भदौस गांव में छापेमारी कर आरोपी नीतीश कुमार को धर दबोचा। वह वासुकी सिंह का पुत्र बताया गया है। छापेमारी का नेतृत्व सिरारी थाना अध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी और पुलिस सब इंस्पेक्टर निखिल भास्कर ने संयुक्त रूप से किया। थाना अध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश इलाके का शातिर चोर है। सिरारी थाना में उसके खिलाफ चोरी, मारपीट और जानलेवा हमले जैसे 9 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि नीतीश कुमार जानलेवा हमले और चोरी के दो अलग-अलग मामलों में पिछले 6 वर्षों से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी न होने पर स्थानीय कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट (लाल वारंट) जारी करते हुए उसे भगोड़ा घोषित किया था। आरोपी गिरफ्तारी के डर से कहीं और छिपा हुआ था और हाल ही में अपने घर लौटा था। पुलिस को इसकी गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद एक टीम गांव पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस सब इंस्पेक्टर निखिल भास्कर की निगरानी में शेखपुरा जेल भेज दिया गया।

