बिहार का शिक्षा विभाग अब ‘रिफॉर्म से परफॉर्म’ की दिशा में आगे बढ़ेगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कटिहार में शिक्षा विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने, उनकी प्रतिभा पहचानने और उन्हें उनकी रुचि के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार करने पर विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित करें जिला पदाधिकारी की उपस्थिति में हुई इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के मन में किसी भी तरह की नकारात्मक भावना नहीं आनी चाहिए। उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। ‘एलिजिबल फॉर स्किल’ पर काम कर रही सरकार मंत्री ने कहा कि कई बार परीक्षा में असफल होने के बाद बच्चों को लगता है कि उनका जीवन समाप्त हो गया है। इस सोच को बदलने के लिए सरकार ‘एलिजिबल फॉर स्किल’ (Eligible for Skill) जैसी व्यवस्था पर काम कर रही है। इसके तहत प्रमाणपत्र में ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे बच्चे को अपनी स्थिति की जानकारी तो मिले, लेकिन असफलता के कारण उसके अंदर नकारात्मक भावना पैदा न हो। कक्षा 9 से बच्चों की रुचि और क्षमता के पर ध्यान दें शिक्षा मंत्री ने बच्चों की रुचि और क्षमता को समय रहते पहचानने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि सरकार बच्चों की ‘ब्रेन मैपिंग’ कराने की दिशा में भी काम करेगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस बच्चे की रुचि किस क्षेत्र में है, जैसे डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक। उनका मानना है कि यदि कक्षा नौ से ही बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार ध्यान दिया जाए, तो वे अपने पसंदीदा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। नेपाल में आई बाढ़ के बाद कई जिलों में विद्यालय और स्कूलों तक जाने वाली सड़कें जलमग्न होने के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ही पटना में एक बैठक कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। वहीं, कटिहार में भवनहीन विद्यालयों की समस्या के समाधान की दिशा में भी जल्द काम करने की बात उन्होंने कही। उन्होंने दोहराया कि बेहतर शिक्षा के लिए विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। बिहार का शिक्षा विभाग अब ‘रिफॉर्म से परफॉर्म’ की दिशा में आगे बढ़ेगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कटिहार में शिक्षा विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने, उनकी प्रतिभा पहचानने और उन्हें उनकी रुचि के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार करने पर विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित करें जिला पदाधिकारी की उपस्थिति में हुई इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के मन में किसी भी तरह की नकारात्मक भावना नहीं आनी चाहिए। उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। ‘एलिजिबल फॉर स्किल’ पर काम कर रही सरकार मंत्री ने कहा कि कई बार परीक्षा में असफल होने के बाद बच्चों को लगता है कि उनका जीवन समाप्त हो गया है। इस सोच को बदलने के लिए सरकार ‘एलिजिबल फॉर स्किल’ (Eligible for Skill) जैसी व्यवस्था पर काम कर रही है। इसके तहत प्रमाणपत्र में ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे बच्चे को अपनी स्थिति की जानकारी तो मिले, लेकिन असफलता के कारण उसके अंदर नकारात्मक भावना पैदा न हो। कक्षा 9 से बच्चों की रुचि और क्षमता के पर ध्यान दें शिक्षा मंत्री ने बच्चों की रुचि और क्षमता को समय रहते पहचानने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि सरकार बच्चों की ‘ब्रेन मैपिंग’ कराने की दिशा में भी काम करेगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस बच्चे की रुचि किस क्षेत्र में है, जैसे डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक। उनका मानना है कि यदि कक्षा नौ से ही बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार ध्यान दिया जाए, तो वे अपने पसंदीदा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। नेपाल में आई बाढ़ के बाद कई जिलों में विद्यालय और स्कूलों तक जाने वाली सड़कें जलमग्न होने के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ही पटना में एक बैठक कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। वहीं, कटिहार में भवनहीन विद्यालयों की समस्या के समाधान की दिशा में भी जल्द काम करने की बात उन्होंने कही। उन्होंने दोहराया कि बेहतर शिक्षा के लिए विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है।

