Rajasthan : पाली के बाबरा में पूरा गांव सिसकियां लेकर रो रहा था। रक्षाबंधन पर जिस भाई की कलाई पर राखी बांधनी थी, उसी भाई के साथ बहन रीना की अंतिम यात्रा निकली। इस गमगीन माहौल में दोनों की एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव में गुरुवार को सिर्फ चीख-पुकार और सिसकियां सुनाई दे रही थीं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गमजदा परिवार को ग्रामीण ढांढस बंधा रहे थे।
बाबरा के रूपनगर सरहद में बुधवार को एनीकट में डूबने से हुई भाई-बहन की मौत ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। बकरियां चराने जंगल गए 9 वर्षीय रीना और उसके सात वर्षीय भाई राहुल की जिंदगी का सफर अचानक थम गया। सूचना मिलने पर पाली के रास थाने के एएसआइ धर्माराम मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शवों को एनीकट से बाहर निकाला गया। हादसे के बाद गुरुवार को दोनों के शवों का रास सीएचसी स्थित मोर्चरी में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था…
राखी के त्योहार से ठीक एक दिन पहले जब भाई-बहन के शव पैतृक गांव रूपनगर पहुंचे तो माहौल मातम में बदल गया। जिस घर में बच्चों की चहक और भाई-बहन के साथ की खुशियां गूंजती थीं, वहां गुरुवार को सिर्फ चीख-पुकार और सिसकियां सुनाई दे रही थीं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बच्चों के दुखद निधन से गमजदा परिवार को ग्रामीण ढांढस बंधाते रहे, लेकिन किसी के पास इस असहनीय पीड़ा को कम करने के लिए शब्द नहीं थे।
एक ही चिता पर किया गया अंतिम संस्कार
रक्षाबंधन पर जिस भाई की कलाई पर रीना राखी बांधने वाली थी, उसी भाई के साथ उसकी अंतिम यात्रा निकली। गमगीन माहौल में रीना और राहुल का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। दोनों की एक साथ उठी अर्थी ने हर आंख नम कर दी और गांव में लंबे समय तक मातम पसरा रहा।
दादी के पास रहते थे भाई-बहन
ग्रामीणों के अनुसार रीना और राहुल अपनी दादी रमनी देवी के पास रहते थे। दोनों बच्चों की एक साथ मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक बच्चों के पिता प्रकाश बावरी मजदूरी के लिए बाहर रहते हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग सदमे में हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

