जालौन जिले में मंगलवार शाम करीब 5 बजे से बुधवार सुबह तक करीब 14 घंटे मूसलाधार बारिश हुई। लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम में ठंडक घुल गई और तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई। मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक जिले में 71 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस अवधि में इसे सर्वाधिक बारिश बताया जा रहा है। रातभर हुई तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कों और गलियों में जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। धान की फसल के लिए बारिश का पानी पर्याप्त होने के बावजूद खेतों में अत्यधिक जलभराव हो गया। वहीं, तिल की फसल बोने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने से तिल की फसल खराब होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो खेतों में जलभराव से फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से समस्या और गंभीर हो गई है। बारिश से तापमान में गिरावट आने के कारण लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, लेकिन लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए ग्रामीण अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं।

