खगड़िया में खुद को फर्जी आईएएस अधिकारी बताने वाले मनीष कुमार गुप्ता की आर्थिक गतिविधियां अब पुलिस जांच के दायरे में आ गई हैं। पुलिस के अनुसार, मनीष के बैंक खातों से करीब 2.25 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन की जानकारी सामने आई है। मामले की विस्तृत वित्तीय जांच के लिए खगड़िया पुलिस ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से जांच कराने की अनुशंसा की है। एसपी भानु प्रताप सिंह ने इस संबंध में EOU को पत्र भेजा है। करोड़ों के लेनदेन का स्रोत खंगालेगी पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मनीष के खातों से हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन किन लोगों के साथ किए गए। इन पैसों का स्रोत क्या था और रकम का इस्तेमाल कहां किया गया, इसकी भी जांच होगी। इसके साथ ही मनीष की घोषित आय और बैंक खातों में हुए लेनदेन का मिलान किया जाएगा। पुलिस संभावित टैक्स चोरी और अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने के पहलू से भी मामले की जांच करेगी। 60-70 लाख की Tesla भी जांच के घेरे में मनीष के ठिकाने से बरामद Tesla कार भी आर्थिक जांच का अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस के मुताबिक, यह कार इसी जून में दिल्ली से खरीदी गई थी और इसकी अनुमानित कीमत 60 से 70 लाख रुपये है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी महंगी कार खरीदने के लिए पैसे कहां से आए। कार की खरीद से जुड़े दस्तावेज और भुगतान के स्रोत की भी जांच की जा रही है। 8-10 साल की आर्थिक गतिविधियों की जांच पुलिस मनीष की पिछले 8 से 10 वर्षों की आर्थिक गतिविधियों को भी खंगाल रही है। उसके बैंक खातों, अन्य संपत्तियों और बड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा मनीष के भाई के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। छापेमारी में मिले थे कई दस्तावेज छापेमारी के दौरान मनीष के ठिकाने से केंद्रीय सतर्कता आयोग का कथित पहचान पत्र, ‘भारत सरकार’ का बोर्ड लगी गाड़ियां, बैंक कार्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे। पुलिस के सत्यापन में कथित पहचान पत्र प्रथमदृष्टया फर्जी पाया गया। इसके बाद पुलिस ने उसके संपर्कों और गतिविधियों की जांच तेज कर दी। चार दिन की रिमांड पर पूछताछ न्यायालय के आदेश पर मनीष को चार दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। शुक्रवार शाम उसे पूछताछ के लिए गोगरी थाना लाया गया। शनिवार को एसपी भानु प्रताप सिंह भी गोगरी थाना पहुंचे और करीब 30 मिनट तक मनीष से पूछताछ की। रिमांड के दौरान पुलिस उसके संपर्कों, कथित नेटवर्क, आर्थिक गतिविधियों और बैंक खातों से जुड़े लेनदेन के बारे में जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तारी के दौरान की तस्वीरें… खगड़िया में खुद को फर्जी आईएएस अधिकारी बताने वाले मनीष कुमार गुप्ता की आर्थिक गतिविधियां अब पुलिस जांच के दायरे में आ गई हैं। पुलिस के अनुसार, मनीष के बैंक खातों से करीब 2.25 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन की जानकारी सामने आई है। मामले की विस्तृत वित्तीय जांच के लिए खगड़िया पुलिस ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से जांच कराने की अनुशंसा की है। एसपी भानु प्रताप सिंह ने इस संबंध में EOU को पत्र भेजा है। करोड़ों के लेनदेन का स्रोत खंगालेगी पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मनीष के खातों से हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन किन लोगों के साथ किए गए। इन पैसों का स्रोत क्या था और रकम का इस्तेमाल कहां किया गया, इसकी भी जांच होगी। इसके साथ ही मनीष की घोषित आय और बैंक खातों में हुए लेनदेन का मिलान किया जाएगा। पुलिस संभावित टैक्स चोरी और अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने के पहलू से भी मामले की जांच करेगी। 60-70 लाख की Tesla भी जांच के घेरे में मनीष के ठिकाने से बरामद Tesla कार भी आर्थिक जांच का अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस के मुताबिक, यह कार इसी जून में दिल्ली से खरीदी गई थी और इसकी अनुमानित कीमत 60 से 70 लाख रुपये है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी महंगी कार खरीदने के लिए पैसे कहां से आए। कार की खरीद से जुड़े दस्तावेज और भुगतान के स्रोत की भी जांच की जा रही है। 8-10 साल की आर्थिक गतिविधियों की जांच पुलिस मनीष की पिछले 8 से 10 वर्षों की आर्थिक गतिविधियों को भी खंगाल रही है। उसके बैंक खातों, अन्य संपत्तियों और बड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा मनीष के भाई के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। छापेमारी में मिले थे कई दस्तावेज छापेमारी के दौरान मनीष के ठिकाने से केंद्रीय सतर्कता आयोग का कथित पहचान पत्र, ‘भारत सरकार’ का बोर्ड लगी गाड़ियां, बैंक कार्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे। पुलिस के सत्यापन में कथित पहचान पत्र प्रथमदृष्टया फर्जी पाया गया। इसके बाद पुलिस ने उसके संपर्कों और गतिविधियों की जांच तेज कर दी। चार दिन की रिमांड पर पूछताछ न्यायालय के आदेश पर मनीष को चार दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। शुक्रवार शाम उसे पूछताछ के लिए गोगरी थाना लाया गया। शनिवार को एसपी भानु प्रताप सिंह भी गोगरी थाना पहुंचे और करीब 30 मिनट तक मनीष से पूछताछ की। रिमांड के दौरान पुलिस उसके संपर्कों, कथित नेटवर्क, आर्थिक गतिविधियों और बैंक खातों से जुड़े लेनदेन के बारे में जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तारी के दौरान की तस्वीरें…

