हिसार के चर्चित जीवन कुंडू हत्याकांड का मुख्य आरोपी रमेश शर्मा उर्फ रमेश अत्री पुलिस के लिए एक ऐसी पहेली बन चुका था, जिसकी लोकेशन कुछ घंटों में बदल रही थी। 4 अगस्त को वारदात को अंजाम देने के बाद रमेश और उसके दो साथी विशाल उर्फ बाबा और सौरभ उर्फ मोल्ड फरार हो गए। 19 दिनों तक पुलिस को छकाने वाला रमेश अत्री आखिरकार गुजरात के जूनागढ़ रेलवे स्टेशन से एसटीएफ और हरियाणा पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। सोमवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने मुख्य आरोपी रमेश अत्री और उसके साथियों को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस रिमांड के दौरान उससे पूरी प्लानिंग, वारदात में प्रयुक्त हथियार और अन्य चीजों के बारे में पूछताछ करेगी। जीवन कुंडू के लिए सड़कों पर उतरी थीं खाप पंचायतें…
कैसे 19 दिन तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा रमेश… 1. अनजान राहगीरों का फोन और तुरंत लोकेशन चेंज
फरारी के दौरान रमेश ने बिहार, यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे 6 राज्यों में ठिकाने बदले। वह कभी अपना फोन इस्तेमाल नहीं करता था। रास्ते में चलते किसी भी अनजान व्यक्ति से इमरजेंसी का बहाना बनाकर मोबाइल मांगता, परिचितों को कॉल करता और बातचीत खत्म होते ही तुरंत वह जगह छोड़ देता। 2. पुलिस को झांसा देने के लिए फेंका ‘फेक लोकेशन’ का पासा
रमेश को पता था कि पुलिस सर्विलांस पर काम कर रही है। इसलिए वह जानबूझकर अनजान नंबर से अपने करीबियों को फोन करता था, ताकि पुलिस उस लोकेशन को ट्रेस कर वहां पहुंचे और इस दौरान उसे आगे निकलने का क्लियर रास्ता मिल जाए। कई दिनों तक पुलिस इसी गफलत में पीछा करती रही। 3. जब पुलिस ने बदला गेम-प्लान: एक साथ 3 लोकेशन पर रेड
जब हरियाणा पुलिस और एसटीएफ हिसार की टीम को रमेश का यह पैटर्न समझ आया, तो उन्होंने अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी। जैसे ही रमेश का नया कॉल ट्रेस हुआ, पुलिस ने एक जगह दबिश देने के बजाय तीन संभावित रूटों और लोकेशनों पर अलग-अलग टीमें लगा दीं। 4. जूनागढ़ स्टेशन पर बिछाया जाल, भागने का मौका तक नहीं मिला
पुलिस की इसी काउंटर-रणनीति के तहत जूनागढ़ (गुजरात) रेलवे स्टेशन को चारों तरफ से घेर लिया गया। जैसे ही रमेश और उसके दोनों साथी स्टेशन से बाहर निकलने की फिराक में थे, सादे कपड़ों में तैनात एसटीएफ की टीम ने तीनों को दबोच लिया। सरकारी जमीन पर कब्जा बनी हत्या की वजह
हिसार के सूर्यनगर निवासी जीवन कुंडू की 4 अगस्त 2026 को 10-12 लोगों ने मिलकर सरेराह लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में थाना HTM हिसार में BNS की धारा 103(1), 126, 190, 191(2), 191(3) और 61 के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि रमेश अत्री सूर्यनगर स्थित एक सरकारी जमीन पर कब्जा करना चाहता था। वहीं मृतक जीवन कुंडू अपनी डेयरी का गोबर उसी खाली पड़ी जगह पर फेंकता था। रमेश ने कई बार उसे रोका, जिसे लेकर दोनों में कई बार मारपीट और झगड़ा हुआ। जब जीवन नहीं माना, तो रमेश ने उसे रास्ते से हटाने के लिए 10-12 लोगों के साथ मिलकर मर्डर की साजिश रच डाली। जांच में बड़ा खुलासा: 1 हजार के बदले 10 हजार देने का चला रहा था
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रमेश अत्री सिर्फ आपराधिक मानसिकता का ही नहीं बल्कि एक बड़े ठगी नेटवर्क का भी हिस्सा रहा है। उसने हिसार के लोकल मार्केट में कई व्यापारियों और आम लोगों से लाखों रुपए उठाए हुए थे। वह लंबे समय से लोगों को 1 हजार रुपए दो, 10 हजार रुपए देने का लालच देकर झांसे में ले रहा था। अब 4 दिन के पुलिस रिमांड के दौरान पुलिस उससे हत्या में प्रयुक्त हथियार, बाकी बचे अन्य आरोपियों के ठिकानों और ठगी के पैसों का हिसाब-किताब उगलेगी।

