‘परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प हो चुका है। स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से 96% बेहतर हो चुके हैं।’ यह दावा है यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का। लेकिन, उनकी सरकार के एक भी मंत्री अपने बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ने नहीं भेजते। स्कूल तो ठीक, किसी का बच्चा यूपी बोर्ड में भी नहीं पढ़ता। तो फिर हमारे मंत्रियों के बच्चे किन स्कूलों में पढ़ रहे हैं? यह जानने के लिए दैनिक भास्कर ने पड़ताल की… मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष के परिवारों का ब्योरा इकट्ठा किया। 18 मंत्री ऐसे निकले, जिनके खुद के बच्चे हैं या बेटे के बच्चे हैं। सभी कॉन्वेंट और बड़े प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे। 38 मंत्री ऐसे हैं, जिनके बच्चों की पढ़ाई पूरी हो चुकी है या पोता-पोती की स्कूल जाने की उम्र में नहीं हैं। 4 मंत्री ऐसे भी हैं, जिनकी शादी नहीं हुई है या शादीशुदा हैं, लेकिन अभी बच्चे नहीं है। यूपी बोर्ड के इंग्लिश मीडियम स्कूल भी पसंद नहीं पड़ताल में सामने आया कि मंत्री अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजना नहीं चाहते। उन्हें यूपी बोर्ड के इंग्लिश मीडियम स्कूल भी पसंद नहीं। उनके बच्चे या तो सीबीएसई या आईसीएससी बोर्ड के स्कूलों में पढ़ रहे हैं। 18 मंत्रियों में 17 के बच्चे सीबीएसई बोर्ड के स्कूल में पढ़ रहे हैं। सिर्फ डॉ. संजय निषाद के पोते-पोती आईसीएसई बोर्ड के स्कूल में पढ़ रहे हैं। अब जानिए, किस मंत्री के बच्चे किस स्कूल में पढ़ रहे इनके तीन पोती और दो पोते हैं। इनमें चार पढ़ रहे हैं। बड़े बेटे डॉ. दुष्यंत की दो बेटिया- 6 और 10 साल की हैं। दूसरे बेटे प्रशांत की बेटी 4 और बेटा 10 साल का है। चारों बरेली कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ रहे हैं। तीसरे बेटे यशवंत का बेटा अभी छोटा है। वह स्कूल नहीं जाता। अरुण कुमार बरेली के रहने वाले हैं। उनके बेटे डॉ. वरुण के 2 बेटों में शौर्य प्ले स्कूल, तो मिहान (6) चितकारा इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ रहा है। राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार पीलीभीत से हैं। उनका 5 साल का बेटा मीर सिंह गंगवार पीलीभीत के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ रहा है। यह स्कूल सीबीएसई से संबद्ध है। कैबिनेट मंत्री के एक बेटे और दो बेटियां हैं। सभी की शादियां हो चुकी है। उन्हें एक पोता और एक पोती है, जो लखनऊ के बड़े कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। नितिन अग्रवाल हरदोई के रहने वाले हैं। लखनऊ में उनका सरकारी आवास है। उनका एक बेटा और दो बेटियां लखनऊ के एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ रहे हैं। राज्यमंत्री बेबीरानी मौर्य के बेटे अभिनव मौर्य के दो बेटे आगरा में दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ रहे हैं। ये स्कूल सीबीएसई से संबद्ध है। राज्यमंत्री दिनेश खटीक का परिवार मेरठ में रहता है। वहां के नामचीन केएल इंटरनेशनल स्कूल में उनके दो बच्चे पढ़ रहे हैं। यह स्कूल सीबीएसई से संबद्ध है। राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर के 2 बच्चे मेरठ के दीवान पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं, जबकि उनकी एक बेटी दिल्ली में रहकर ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही है। बेटा हाईस्कूल में है। वह लखनऊ के जीडी गोयनका स्कूल में पढ़ रहा है। बेटी इंटर पास करके देहरादून के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ रही है। एक बेटी की पढ़ाई पूरी हो चुकी है। राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के दो नाती हैं। दोनों कानपुर नगर के एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ रहे हैं। यह स्कूल सीबीएसई से संबद्ध है। बेटा प्राइवेट स्कूल से 12वीं पास कर चुका है। अब आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जा रहा है। सतीश महाना के एक पोता और एक पोती है। पोता 14 साल का है। वह कानपुर के एक पब्लिक स्कूल में पढ़ रहा है। पोती हायर एजुकेशन की पढ़ाई कर रही है। मंत्री दया शंकर सिंह की दोनों बेटियां सीबीएसई बोर्ड से लखनऊ के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ रही हैं। तलाक के बाद से दोनों बेटियां मां स्वाति सिंह के साथ रहती हैं। कुंवर बृजेश सिंह के दो बच्चों में बेटा-बेटी हैं। दोनों अभी देहरादून में बोर्डिंग स्कूल में पढ़ रहे हैं। हंसराज के तीन बेटों में से दो की शादी हो चुकी है। एक पोता है, जो घर के पास पब्लिक स्कूल में नर्सरी की पढ़ाई कर रहा है। मंत्री संजय निषाद के तीन बेटे हैं। बड़े बेटे के दो बच्चे हैं। इनमें एक बेटा तीसरी क्लास में पढ़ रहा है। दूसरे बेटे प्रवीण का बेटा तीसरी में और एक बेटी क्लास-2 में पढ़ रही है। मतलब मंत्री निषाद के चारों पोते-पोती लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में ICSE बोर्ड से पढ़ रहे हैं। ओपी राजभर के तीन पोते हैं। बड़ा पोता 6 साल का है, जो जीडी गोयनका अंसल लखनऊ में पढ़ रहा है। बाकी दोनों पोते अभी छोटे हैं। ———————————– भास्कर एक्सक्लूसिव पढ़ें – यूपी में कोई भी SP-SSP पब्लिक का फोन नहीं उठाते, सरकार 9 करोड़ का रिचार्ज करवाती है यूपी के ज्यादातर सरकारी अफसर मीटिंग में व्यस्त हैं या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हैं। DM-SSP के पास अपने सरकारी नंबर पर आई कॉल को उठाने तक का समय नहीं है। अफसरों ने अपने फोन पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (PRO) या स्टेनो को दे रखे हैं। यही लोग तय करते हैं कि आपकी बात अफसर से होगी या नहीं। पढ़िए पूरी खबर…

