फरीदाबाद शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जगह-जगह जमा कूड़े को उठाने के लिए सोमवार की देर रात को प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में सारन चौक से कूड़ा उठाने की कोशिश की। निगम की टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची, लेकिन इसकी भनक लगते ही बड़ी संख्या में हड़ताली सफाई कर्मचारी भी वहां पहुंच गए। कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने का विरोध करते हुए जेसीबी को आगे नहीं बढ़ने दिया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन को जेसीबी वापस भेजनी पड़ी। इस दौरान कई घंटे तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने का किया विरोध हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के साथ उनकी मांगों को लेकर बातचीत होनी है। बातचीत से पहले किसी भी स्थान से कूड़ा उठाने नहीं दिया जाएगा। कर्मचारी नेता बलबीर ने कहा कि सरकार उनकी मांगें मान लेती है तो कर्मचारी महज 24 घंटे में पूरे हरियाणा की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कर देंगे। 13 मई के समझौते को लागू करने की मांग कर्मचारियों का कहना है कि 13 मई को सरकार और कर्मचारी संघ के बीच हुई बातचीत में कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक संबंधित आदेश जारी नहीं किए गए। इसी को लेकर कर्मचारी दोबारा हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें हड़ताली कर्मचारियों की मुख्य मांगों में कच्चे, ठेका और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करना, सफाई और सीवर के काम में ठेका प्रथा खत्म करना, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती और समान काम के लिए समान वेतन देना शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों ने न्यूनतम 15,200 रुपये वेतन, समय पर वेतन भुगतान, ईएसआई-ईपीएफ की सुविधा, जोखिम भत्ता और वर्दी भत्ता देने की मांग भी रखी है। छंटनी किए गए कर्मचारियों को वापस लेने तथा जोखिम भरे काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है। 24 घंटे में सफाई का दावा कर्मचारी नेता बलबीर ने कहा कि कर्मचारी सफाई व्यवस्था के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार बातचीत में मांगें स्वीकार कर लेती है और लिखित आदेश जारी करती है तो कर्मचारी काम पर लौटेंगे और 24 घंटे में शहर समेत पूरे हरियाणा की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास करेंगे।

