सावन की आखिरी सोमवारी के अवसर पर सोमवार को अररिया शहर में शिव भक्ति का माहौल रहा। शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त अहले सुबह करीब चार बजे से ही मंदिरों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक में जुट गए। इस दौरान शहर की सड़कों से लेकर प्रमुख शिवालयों तक हर-हर महादेव, हर-हर भोला और हर-हर शिव के जयकारे गूंजते रहे। इस अवसर पर, शहर के इटहरा वार्ड संख्या-07 स्थित शिव मंदिर से एक भव्य शिव जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। इटहरा शिव मंदिर के लिए रवाना हुए श्रद्धालु इस यात्रा का नेतृत्व 151 कुमारी कन्याओं और महिलाओं ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। डीजे की धुन और शिव भक्ति के गीतों के साथ श्रद्धालु शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए त्रिसुलिया घाट स्थित परमान नदी के तट पर पहुंचे। परमान नदी के तट पर पहुंचने के बाद, श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान और ध्यान किया। इसके उपरांत, उन्होंने कलश में पवित्र जल भरा। जल भरने के बाद, श्रद्धालु पुनः डीजे की धुन पर इटहरा शिव मंदिर के लिए रवाना हुए। मंदिर पहुंचने पर, वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जाएगी और कलश में लाए गए जल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाएगा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई इटहरा से निकली इस जलाभिषेक यात्रा में नगर परिषद के मुख्य पार्षद विजय कुमार मिश्रा, वार्ड संख्या-07 के वार्ड पार्षद श्याम कुमार मंडल सहित उमेश मंडल, बबलू विश्वास, पिंटू कुमार, दुर्गानंद कुमार और सुनील मंडल जैसे कई स्थानीय लोग शामिल थे। इसके अतिरिक्त, शहर के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। इनमें विश्व प्रसिद्ध मां खरगेश्वरी काली मंदिर परिसर स्थित बाबा खरगेश्वर नाथ शिव मंदिर, प्राचीन सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर परिसर स्थित बाबा अररिया नाथ शिव मंदिर, महादेव चौक स्थित महादेव शिव मंदिर, बाबा मदानेश्वर धाम और प्राचीन सुंदरनाथ धाम शामिल हैं। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर शहर के मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। धार्मिक उत्साह और सामाजिक सहभागिता का विशेष संदेश कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गईं। मंदिर परिसर और आसपास का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। सावन की अंतिम सोमवारी पर निकली इटहरा की जलाभिषेक यात्रा ने शहर में धार्मिक उत्साह और सामाजिक सहभागिता का विशेष संदेश दिया। महिलाओं और कुमारी कन्याओं की बड़ी भागीदारी ने यात्रा को और भी भव्य बना दिया।श्रद्धालुओं ने आस्था और उमंग के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना की और सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न किया। इसके अलावा अररिया आरएस स्थित असुर विनाशिनी मां दुर्गा मंदिर से सैकड़ो की संख्या में शिव भक्तों ने कावड़ यात्रा निकली जो नगर भ्रमण के बाद राम जानकी ठाकुरवादी मंदिर अररिया आर एस पहुंचकर भगवान शिव पर जल अर्पित किया। सावन की आखिरी सोमवारी के अवसर पर सोमवार को अररिया शहर में शिव भक्ति का माहौल रहा। शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त अहले सुबह करीब चार बजे से ही मंदिरों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक में जुट गए। इस दौरान शहर की सड़कों से लेकर प्रमुख शिवालयों तक हर-हर महादेव, हर-हर भोला और हर-हर शिव के जयकारे गूंजते रहे। इस अवसर पर, शहर के इटहरा वार्ड संख्या-07 स्थित शिव मंदिर से एक भव्य शिव जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। इटहरा शिव मंदिर के लिए रवाना हुए श्रद्धालु इस यात्रा का नेतृत्व 151 कुमारी कन्याओं और महिलाओं ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। डीजे की धुन और शिव भक्ति के गीतों के साथ श्रद्धालु शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए त्रिसुलिया घाट स्थित परमान नदी के तट पर पहुंचे। परमान नदी के तट पर पहुंचने के बाद, श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान और ध्यान किया। इसके उपरांत, उन्होंने कलश में पवित्र जल भरा। जल भरने के बाद, श्रद्धालु पुनः डीजे की धुन पर इटहरा शिव मंदिर के लिए रवाना हुए। मंदिर पहुंचने पर, वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जाएगी और कलश में लाए गए जल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाएगा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई इटहरा से निकली इस जलाभिषेक यात्रा में नगर परिषद के मुख्य पार्षद विजय कुमार मिश्रा, वार्ड संख्या-07 के वार्ड पार्षद श्याम कुमार मंडल सहित उमेश मंडल, बबलू विश्वास, पिंटू कुमार, दुर्गानंद कुमार और सुनील मंडल जैसे कई स्थानीय लोग शामिल थे। इसके अतिरिक्त, शहर के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। इनमें विश्व प्रसिद्ध मां खरगेश्वरी काली मंदिर परिसर स्थित बाबा खरगेश्वर नाथ शिव मंदिर, प्राचीन सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर परिसर स्थित बाबा अररिया नाथ शिव मंदिर, महादेव चौक स्थित महादेव शिव मंदिर, बाबा मदानेश्वर धाम और प्राचीन सुंदरनाथ धाम शामिल हैं। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर शहर के मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। धार्मिक उत्साह और सामाजिक सहभागिता का विशेष संदेश कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गईं। मंदिर परिसर और आसपास का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। सावन की अंतिम सोमवारी पर निकली इटहरा की जलाभिषेक यात्रा ने शहर में धार्मिक उत्साह और सामाजिक सहभागिता का विशेष संदेश दिया। महिलाओं और कुमारी कन्याओं की बड़ी भागीदारी ने यात्रा को और भी भव्य बना दिया।श्रद्धालुओं ने आस्था और उमंग के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना की और सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न किया। इसके अलावा अररिया आरएस स्थित असुर विनाशिनी मां दुर्गा मंदिर से सैकड़ो की संख्या में शिव भक्तों ने कावड़ यात्रा निकली जो नगर भ्रमण के बाद राम जानकी ठाकुरवादी मंदिर अररिया आर एस पहुंचकर भगवान शिव पर जल अर्पित किया।

