बुरहानपुर जिले के नेपानगर में महाराष्ट्रीयन समाज द्वारा कान बाई उत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रावण मास में नाग पंचमी के बाद आने वाले रविवार को रोट पूजन के साथ इस उत्सव की शुरुआत होती है। इस वर्ष सोमवार को जगह-जगह शोभायात्राएं निकाली गईं। परंपरा के अनुसार, शनिवार शाम को बड़े रोट यानी भाजी भावर का नैवेद्य बनाकर पूजन की शुरुआत की जाती है। इसके बाद रविवार को कुटुंबजन मिलकर रोट पूजन करते हैं और कान बाई माता की स्थापना करते हैं। रातभर भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। सोमवार सुबह पांधार क्षेत्र से गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा पांधार नदी तक पहुंची, जहां माताजी को स्नान कराया गया। इस वर्ष पांधार क्षेत्र में कैलाश बापू पाटिल, दिलीप रूपचंद पाटिल, गोलू गणेश ठाकुर और मनोज ब्रजलाल पाटिल के निवास पर माताजी विराजमान हुई थीं। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। सभी डीजे की धुन पर धार्मिक भजनों पर नाचते हुए पांधार नदी पहुंचे। यह आयोजन हर साल श्रावण मास के दौरान बड़े उत्साह के साथ किया जाता है। इसी तरह शहर की आदर्श कॉलोनी में भी माताजी की स्थापना की गई। मनीष वारूले ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी आदर्श कॉलोनी से शोभायात्रा निकाली गई, जिसका समापन सीता नहानी में हुआ। इसमें भी काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

