चतरा के टंडवा में अपराधियों ने दिनदहाड़े फायरिंग कर दहशत फैला दी। टंडवा थाना क्षेत्र के ग्राम उड़सू में चंद्रगुप्त कोल परियोजना में काम कर रही सुशी इंफ्रा कंपनी के कार्यालय को अपराधियों ने निशाना बनाया। दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार नकाबपोश अपराधी दोपहर करीब 2:25 बजे कार्यालय पहुंचे और अचानक ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार अपराधियों ने करीब आठ राउंड गोलियां चलाईं। गोलियों की आवाज से कार्यालय परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों अपराधी मोटरसाइकिल से टंडवा की ओर तेजी से फरार हो गए। चार साल से चल रहा है कार्यालय सुशी इंफ्रा कंपनी का यह कार्यालय स्थानीय निवासी जीवन दास के मकान में पिछले करीब चार साल से संचालित हो रहा है। इसी कार्यालय से कंपनी के जीएम आरएस यादव अपना कार्यभार संभालते हैं। घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों में अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही टंडवा पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। चतरा के पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में फायरिंग के पीछे कुख्यात राहुल दुबे गैंग का हाथ सामने आया है। पुलिस ने घटनास्थल से 6 से 7 गोलियों के खोखे बरामद किए हैं। लेवी के लिए फायरिंग का आरोप, पर्चा छोड़ा एसपी अनिमेष नैथानी के अनुसार, फायरिंग की यह घटना लेवी यानी रंगदारी वसूलने की नीयत से की गई है। अपराधियों ने वारदात के बाद राहुल दुबे गैंग के नाम से धमकी भरा पर्चा भी मौके पर छोड़ा। पर्चे में कंपनी को चेतावनी दी गई है कि उनकी बात नहीं मानने पर गंभीर अंजाम भुगतना होगा। पुलिस अब पर्चे और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में चार नकाबपोशों के शामिल होने की बात सामने आई है। वारदात के तरीके से भी यह स्पष्ट है कि अपराधियों का मकसद कंपनी में भय का माहौल पैदा करना और रंगदारी की मांग को लेकर दबाव बनाना था। पुलिस की अरेस्टिंग के लिए छापेमारी की तेज इससे पहले भी कोयलांचल क्षेत्र में लेवी और आपराधिक गतिविधियों को लेकर पुलिस के सामने चुनौती रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आसपास के इलाकों में संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच शुरू कर दी। राहुल दुबे गैंग के फरार गुर्गों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले खोखे, धमकी भरा पर्चा और अन्य साक्ष्यों को जांच का आधार बनाया गया है। एसपी ने भरोसा दिलाया है कि वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इधर, घटना के बाद कंपनी के कर्मचारी और आसपास के लोग सहमे हुए हैं। चतरा के टंडवा में अपराधियों ने दिनदहाड़े फायरिंग कर दहशत फैला दी। टंडवा थाना क्षेत्र के ग्राम उड़सू में चंद्रगुप्त कोल परियोजना में काम कर रही सुशी इंफ्रा कंपनी के कार्यालय को अपराधियों ने निशाना बनाया। दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार नकाबपोश अपराधी दोपहर करीब 2:25 बजे कार्यालय पहुंचे और अचानक ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार अपराधियों ने करीब आठ राउंड गोलियां चलाईं। गोलियों की आवाज से कार्यालय परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों अपराधी मोटरसाइकिल से टंडवा की ओर तेजी से फरार हो गए। चार साल से चल रहा है कार्यालय सुशी इंफ्रा कंपनी का यह कार्यालय स्थानीय निवासी जीवन दास के मकान में पिछले करीब चार साल से संचालित हो रहा है। इसी कार्यालय से कंपनी के जीएम आरएस यादव अपना कार्यभार संभालते हैं। घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों में अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही टंडवा पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। चतरा के पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में फायरिंग के पीछे कुख्यात राहुल दुबे गैंग का हाथ सामने आया है। पुलिस ने घटनास्थल से 6 से 7 गोलियों के खोखे बरामद किए हैं। लेवी के लिए फायरिंग का आरोप, पर्चा छोड़ा एसपी अनिमेष नैथानी के अनुसार, फायरिंग की यह घटना लेवी यानी रंगदारी वसूलने की नीयत से की गई है। अपराधियों ने वारदात के बाद राहुल दुबे गैंग के नाम से धमकी भरा पर्चा भी मौके पर छोड़ा। पर्चे में कंपनी को चेतावनी दी गई है कि उनकी बात नहीं मानने पर गंभीर अंजाम भुगतना होगा। पुलिस अब पर्चे और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में चार नकाबपोशों के शामिल होने की बात सामने आई है। वारदात के तरीके से भी यह स्पष्ट है कि अपराधियों का मकसद कंपनी में भय का माहौल पैदा करना और रंगदारी की मांग को लेकर दबाव बनाना था। पुलिस की अरेस्टिंग के लिए छापेमारी की तेज इससे पहले भी कोयलांचल क्षेत्र में लेवी और आपराधिक गतिविधियों को लेकर पुलिस के सामने चुनौती रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आसपास के इलाकों में संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच शुरू कर दी। राहुल दुबे गैंग के फरार गुर्गों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले खोखे, धमकी भरा पर्चा और अन्य साक्ष्यों को जांच का आधार बनाया गया है। एसपी ने भरोसा दिलाया है कि वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इधर, घटना के बाद कंपनी के कर्मचारी और आसपास के लोग सहमे हुए हैं।

