Share Market में इस हफ्ते Crude Oil और वैश्विक घटनाक्रम तय करेंगे दिशा

Share Market में इस हफ्ते Crude Oil और वैश्विक घटनाक्रम तय करेंगे दिशा

कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम इस सप्ताह शेयर बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। रिलायंस ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि निवेशक जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी पर करीबी नजर रखेंगे।

खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख की टिप्पणियों से ब्याज दरों की आगे की दिशा के संकेत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमान, टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर और उपभोक्ता भरोसे से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती तथा फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा के बारे में भी महत्वपूर्ण संकेत मिलेंगे। घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की नजर रुपये की चाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश प्रवाह और घरेलू बाजार में नकदी की स्थिति पर रहेगी।

ऑनलाइन कारोबार एवं संपत्ति प्रौद्योगिकी कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि वैश्विक बाजारों में इस सप्ताह तीन प्रमुख मुद्दे छाए रहेंगे। इनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की दिशा, एनवीडिया के तिमाही परिणाम और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दीर्घावधि की अमेरिकी प्रतिभूतियों पर प्रतिफल में उतार-चढ़ाव के बीच जैक्सन होल संगोष्ठी में फेड के प्रमुख केविन वॉर्श के संबोधन पर करीबी नजर रहेगी।

इससे सितंबर की नीतिगत बैठक से पहले केंद्रीय बैंक द्वारा लगातार बनी महंगाई के जोखिम और श्रम बाजार में नरमी के संकेतों के बीच संतुलन को लेकर संकेत मिल सकते हैं। पोनमुडी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें भी एक बड़ा बाहरी जोखिम बनी हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन का समझौता किसी स्थायी समाधान के बिना समाप्त हो गया है।

इससे होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर जारी तनाव का केंद्र बन गया है और क्षेत्र में ऊर्जा की सामान्य आपूर्ति प्रभावित हुई है।’’
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने भारतीय शेयरों में खरीदारी तेज की है और अगस्त में अब तक 23,544 करोड़ रुपये का निवेश किया है। पिछले सप्ताह बीएसई के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 468.42 अंक की गिरावट रही, जबकि एनएसई का निफ्टी 114 अंक नीचे रहा। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि निफ्टी में लगातार दो सप्ताह की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह कुछ स्थिरता आ सकती है और निकट अवधि में मामूली सुधार की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि बाजार की निगाह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी, जो 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इसके अलावा वैश्विक घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *