बुरहानपुर के शासकीय अनुसूचित जाति बालक आश्रम सारोला में विद्यार्थियों से मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप में भृत्य रतिलाल तायड़े की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त भरत जांचपुरे ने रविवार रात आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की। वहीं, शासकीय सीनियर अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं देने के मामले में रसोईयन लता बाई निंभोरे की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। बच्चों की शिकायत के बाद भृत्य पर कार्रवाई
आश्रम के विद्यार्थियों ने रतिलाल तायड़े पर मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया था। रविवार को छात्र शक्ति संगठन के पदाधिकारियों ने आश्रम पहुंचकर विद्यार्थियों से चर्चा की। छात्रों ने संगठन को भृत्य द्वारा कथित मारपीट और मानसिक रूप से परेशान करने की जानकारी दी। संगठन ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। विभाग के आदेश के अनुसार, आश्रम के निरीक्षण के दौरान भी बच्चों ने भृत्य की शिकायत की थी। उसे बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार नहीं करने की समझाइश दी गई थी। इसके बावजूद एक बालक के हाथ में गंभीर चोट पहुंचाने का मामला सामने आया। आदेश में बार-बार निर्देशों की अवहेलना और बच्चों के साथ क्रूर व्यवहार का उल्लेख करते हुए उसकी सेवाएं तत्काल समाप्त की गई हैं। गुणवत्ताहीन भोजन पर रसोईयन की सेवा भी खत्म
इधर, शासकीय सीनियर अनुसूचित जाति बालक छात्रावास बुरहानपुर में बच्चों को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिलने की शिकायत पर भी कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान भोजन सामग्री गुणवत्ताहीन पाई गई। बच्चों ने अधिकारियों से मिलकर भोजन को लेकर शिकायत भी की थी। सहायक आयुक्त ने छात्रावास अधीक्षक और रसोईयों को साफ-सफाई रखने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने पर भोजन बनाने की जिम्मेदार रसोईयन लता बाई निंभोरे की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।

