तुलसीपुर मध्य विद्यालय में कमरों-चारदीवारी का अभाव:पांच कमरों 500 बच्चों की पढ़ाई, अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता

तुलसीपुर मध्य विद्यालय में कमरों-चारदीवारी का अभाव:पांच कमरों 500 बच्चों की पढ़ाई, अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता

बेगूसराय सदर प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय तुलसीपुर में लगभग 500 बच्चे नामांकित हैं, जिनकी उपस्थिति लगभग 80 प्रतिशत रहती है। हालांकि, विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव है। कक्षा आठ तक की पढ़ाई वाले इस विद्यालय में केवल पांच कमरे उपलब्ध हैं। कमरों की कमी के कारण तीन कक्षाओं के छात्रों को बरामदे या खुले स्थान पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। विद्यालय के दो भवन जर्जर अवस्था में हैं। परिसर में मज़बूत चारदीवारी भी नहीं है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी रहती है, खासकर यह विद्यालय कोला नदी के किनारे स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि चारदीवारी के अभाव में बच्चों पर लगातार निगरानी रखना मुश्किल होता है। इसके अतिरिक्त, कक्षा छह से आठ तक के कई विषयों के शिक्षक भी विद्यालय में उपलब्ध नहीं हैं। हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रधानाध्यापक प्रमोद चौरसिया और अन्य शिक्षकों ने भी भवन और चारदीवारी की कमी को स्वीकार किया है। ग्रामीण दीपक कुमार, सोनू कुमार, रोशन कुमार, राजीव कुमार, संतोष कुमार और मंटू कुमार सहित अन्य स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द विद्यालय में चारदीवारी का निर्माण, अतिरिक्त भवन की व्यवस्था और विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है। बेगूसराय सदर प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय तुलसीपुर में लगभग 500 बच्चे नामांकित हैं, जिनकी उपस्थिति लगभग 80 प्रतिशत रहती है। हालांकि, विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव है। कक्षा आठ तक की पढ़ाई वाले इस विद्यालय में केवल पांच कमरे उपलब्ध हैं। कमरों की कमी के कारण तीन कक्षाओं के छात्रों को बरामदे या खुले स्थान पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। विद्यालय के दो भवन जर्जर अवस्था में हैं। परिसर में मज़बूत चारदीवारी भी नहीं है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी रहती है, खासकर यह विद्यालय कोला नदी के किनारे स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि चारदीवारी के अभाव में बच्चों पर लगातार निगरानी रखना मुश्किल होता है। इसके अतिरिक्त, कक्षा छह से आठ तक के कई विषयों के शिक्षक भी विद्यालय में उपलब्ध नहीं हैं। हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रधानाध्यापक प्रमोद चौरसिया और अन्य शिक्षकों ने भी भवन और चारदीवारी की कमी को स्वीकार किया है। ग्रामीण दीपक कुमार, सोनू कुमार, रोशन कुमार, राजीव कुमार, संतोष कुमार और मंटू कुमार सहित अन्य स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द विद्यालय में चारदीवारी का निर्माण, अतिरिक्त भवन की व्यवस्था और विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।  

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