नवादा में सांसद विवेक ठाकुर के नाम पर डीसीएलआर पश्चिमी स्नेहा कुमारी को धमकी देने के मामले में साइबर थाना पुलिस ने आरोपित शशिभूषण सिंह उर्फ मिंटू सिंह के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस जांच में आरोपित पर लगाए गए आरोप सत्य पाए गए हैं। शशिभूषण सिंह मूल रूप से वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के करहरी गांव का निवासी है। वर्तमान में वह सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा स्थित नवल किशोर नगर में रह रहा है। इस मामले में डीसीएलआर पश्चिमी स्नेहा कुमारी ने 20 अप्रैल 2026 को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सांसद विवेक ठाकुर बताकर किया कॉल प्राथमिकी के अनुसार, 11 अप्रैल को दोपहर करीब 3:31 बजे डीसीएलआर के सरकारी मोबाइल नंबर पर दो बार और निजी मोबाइल नंबर पर एक बार फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को नवादा का सांसद विवेक ठाकुर बताया। आरोप है कि उसने मड़वन के राजस्व कर्मचारी सन्नी कुमार के विरुद्ध जिलाधिकारी से कार्रवाई की अनुशंसा रोकने के लिए दबाव बनाया। साथ ही विजिलेंस में शिकायत पत्र भेजने की धमकी भी दी गई।
फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर कॉल करने का आरोप इसके बाद 17 अप्रैल को डीसीएलआर ने सांसद विवेक ठाकुर से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर मामले की जानकारी ली। सांसद ने ऐसी कोई कॉल करने से इनकार किया। इसके बाद डीसीएलआर ने सरकारी कार्रवाई को प्रभावित करने और उन पर मानसिक दबाव बनाने के उद्देश्य से फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर कॉल करने का आरोप लगाया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शशिभूषण सिंह को आरोपित पाया। जांच पूरी होने के बाद साइबर थाना पुलिस ने न्यायालय में उसके विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। नवादा में सांसद विवेक ठाकुर के नाम पर डीसीएलआर पश्चिमी स्नेहा कुमारी को धमकी देने के मामले में साइबर थाना पुलिस ने आरोपित शशिभूषण सिंह उर्फ मिंटू सिंह के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस जांच में आरोपित पर लगाए गए आरोप सत्य पाए गए हैं। शशिभूषण सिंह मूल रूप से वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के करहरी गांव का निवासी है। वर्तमान में वह सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा स्थित नवल किशोर नगर में रह रहा है। इस मामले में डीसीएलआर पश्चिमी स्नेहा कुमारी ने 20 अप्रैल 2026 को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सांसद विवेक ठाकुर बताकर किया कॉल प्राथमिकी के अनुसार, 11 अप्रैल को दोपहर करीब 3:31 बजे डीसीएलआर के सरकारी मोबाइल नंबर पर दो बार और निजी मोबाइल नंबर पर एक बार फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को नवादा का सांसद विवेक ठाकुर बताया। आरोप है कि उसने मड़वन के राजस्व कर्मचारी सन्नी कुमार के विरुद्ध जिलाधिकारी से कार्रवाई की अनुशंसा रोकने के लिए दबाव बनाया। साथ ही विजिलेंस में शिकायत पत्र भेजने की धमकी भी दी गई।
फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर कॉल करने का आरोप इसके बाद 17 अप्रैल को डीसीएलआर ने सांसद विवेक ठाकुर से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर मामले की जानकारी ली। सांसद ने ऐसी कोई कॉल करने से इनकार किया। इसके बाद डीसीएलआर ने सरकारी कार्रवाई को प्रभावित करने और उन पर मानसिक दबाव बनाने के उद्देश्य से फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर कॉल करने का आरोप लगाया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शशिभूषण सिंह को आरोपित पाया। जांच पूरी होने के बाद साइबर थाना पुलिस ने न्यायालय में उसके विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।

