राजगीर जू सफारी में पर्यटकों को अब और भी बेहतर सुविधाएं और रोमांचक अनुभव मिल रहे हैं। जू सफारी के डायरेक्टर आईएएस राम सुंदर एम. ने सफारी की उपलब्धियों और नई व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जानवरों के बेहतर रखरखाव के साथ-साथ पर्यटकों की सहूलियत के लिए कई डिजिटल पहल की गई हैं। सफारी में शेरों की बढ़ती संख्या पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण साबित हो रही है। डायरेक्टर राम सुंदर एम. ने बताया कि जू सफारी में शेरों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में सफारी में 4 वयस्क शेर और 6 शावक हैं। हाल ही में विभागीय मंत्री ने वन्यजीव अस्पताल का निरीक्षण कर एक शावक का नामकरण भी किया था। पर्यटकों के लिए शेरों के पूरे कुनबे को एक साथ देखना बेहद रोमांचक होता है, जिसके कारण सफारी में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। डिजिटल सुविधाएं: एटीएम, वाई-फाई और क्यूआर टिकटिंग जू सफारी को आधुनिक बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एसबीआई के सहयोग से परिसर में एटीएम सेवा शुरू कर दी गई है। सरकारी निर्देशानुसार परिसर को वाई-फाई जोन बना दिया गया है। इसके अलावा, पर्यटकों की सुविधा के लिए मेट्रो स्टेशन की तर्ज पर ‘क्यूआर बेस्ड सेल्फ-चेकिंग टिकटिंग सिस्टम’ लागू किया गया है। अब पर्यटकों को टर्नस्टाइल गेट पर खुद से क्यूआर स्कैन कर प्रवेश मिल सकेगा, जिससे मैन्युअल टिकट चेकिंग की प्रक्रिया आसान और तेज हो गई है। वाहनों की खरीद और निर्माण कार्यों के लिए भी सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं। जू एंबेसडर प्रोग्राम और पर्यटकों की बढ़ती संख्या स्कूली बच्चों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने के लिए ‘जू एंबेसडर प्रोग्राम’ शुरू किया गया है। इसके लिए अब तक 42 स्कूलों से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही बच्चों को इस प्रोग्राम का हिस्सा बनाया जाएगा। पर्यटकों की संख्या को लेकर निदेशक ने बताया कि सफारी की दैनिक क्षमता 2000 पर्यटकों की है, लेकिन मलमास मेले के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए 500-600 अतिरिक्त टिकट जारी किए गए थे। मेले के दौरान सुबह 6 बजे से एक्स्ट्रा स्लॉट चलाए गए थे। सावन माह में भी जू और नेचर सफारी में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मौसम के अनुकूल जानवरों की विशेष देखभाल बदलते मौसम में जानवरों के स्वास्थ्य और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गर्मी में बारिश कम होने पर सफारी के अंदर जलस्रोत में ट्रैक्टर के माध्यम से पानी की व्यवस्था की गई थी। मानसून को देखते हुए सड़कों और भवनों की नियमित जांच व मरम्मत की जा रही है ताकि जलजमाव न हो और सफारी वाहनों की आवाजाही में दिक्कत न आए। सफारी से लौटने के बाद प्रतिदिन वेटरनरी अधिकारियों द्वारा जानवरों के स्वास्थ्य की गहन जांच की जाती है। एवीयरी (पक्षी विहार) बनी बच्चों की पहली पसंद जू सफारी स्थित एवीयरी (पक्षी विहार) में पक्षियों और पर्यटकों के बीच शानदार इंटरैक्शन देखने को मिल रहा है। यहां गोल्डन फिजेंट, सिल्वर फिजेंट और पेंटेड स्टोर्क जैसी प्रजातियों के पक्षी मौजूद हैं। पर्यटकों की सुविधा और आकर्षण के लिए एवीयरी के पास नए सेल्फी और फोटो पॉइंट्स बनाए गए हैं। खासकर स्कूली बच्चे एवीयरी देखने में बहुत रुचि दिखा रहे हैं और पर्यटकों की ओर से इसका काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। राजगीर जू सफारी में पर्यटकों को अब और भी बेहतर सुविधाएं और रोमांचक अनुभव मिल रहे हैं। जू सफारी के डायरेक्टर आईएएस राम सुंदर एम. ने सफारी की उपलब्धियों और नई व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जानवरों के बेहतर रखरखाव के साथ-साथ पर्यटकों की सहूलियत के लिए कई डिजिटल पहल की गई हैं। सफारी में शेरों की बढ़ती संख्या पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण साबित हो रही है। डायरेक्टर राम सुंदर एम. ने बताया कि जू सफारी में शेरों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में सफारी में 4 वयस्क शेर और 6 शावक हैं। हाल ही में विभागीय मंत्री ने वन्यजीव अस्पताल का निरीक्षण कर एक शावक का नामकरण भी किया था। पर्यटकों के लिए शेरों के पूरे कुनबे को एक साथ देखना बेहद रोमांचक होता है, जिसके कारण सफारी में आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। डिजिटल सुविधाएं: एटीएम, वाई-फाई और क्यूआर टिकटिंग जू सफारी को आधुनिक बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एसबीआई के सहयोग से परिसर में एटीएम सेवा शुरू कर दी गई है। सरकारी निर्देशानुसार परिसर को वाई-फाई जोन बना दिया गया है। इसके अलावा, पर्यटकों की सुविधा के लिए मेट्रो स्टेशन की तर्ज पर ‘क्यूआर बेस्ड सेल्फ-चेकिंग टिकटिंग सिस्टम’ लागू किया गया है। अब पर्यटकों को टर्नस्टाइल गेट पर खुद से क्यूआर स्कैन कर प्रवेश मिल सकेगा, जिससे मैन्युअल टिकट चेकिंग की प्रक्रिया आसान और तेज हो गई है। वाहनों की खरीद और निर्माण कार्यों के लिए भी सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं। जू एंबेसडर प्रोग्राम और पर्यटकों की बढ़ती संख्या स्कूली बच्चों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने के लिए ‘जू एंबेसडर प्रोग्राम’ शुरू किया गया है। इसके लिए अब तक 42 स्कूलों से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही बच्चों को इस प्रोग्राम का हिस्सा बनाया जाएगा। पर्यटकों की संख्या को लेकर निदेशक ने बताया कि सफारी की दैनिक क्षमता 2000 पर्यटकों की है, लेकिन मलमास मेले के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए 500-600 अतिरिक्त टिकट जारी किए गए थे। मेले के दौरान सुबह 6 बजे से एक्स्ट्रा स्लॉट चलाए गए थे। सावन माह में भी जू और नेचर सफारी में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मौसम के अनुकूल जानवरों की विशेष देखभाल बदलते मौसम में जानवरों के स्वास्थ्य और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गर्मी में बारिश कम होने पर सफारी के अंदर जलस्रोत में ट्रैक्टर के माध्यम से पानी की व्यवस्था की गई थी। मानसून को देखते हुए सड़कों और भवनों की नियमित जांच व मरम्मत की जा रही है ताकि जलजमाव न हो और सफारी वाहनों की आवाजाही में दिक्कत न आए। सफारी से लौटने के बाद प्रतिदिन वेटरनरी अधिकारियों द्वारा जानवरों के स्वास्थ्य की गहन जांच की जाती है। एवीयरी (पक्षी विहार) बनी बच्चों की पहली पसंद जू सफारी स्थित एवीयरी (पक्षी विहार) में पक्षियों और पर्यटकों के बीच शानदार इंटरैक्शन देखने को मिल रहा है। यहां गोल्डन फिजेंट, सिल्वर फिजेंट और पेंटेड स्टोर्क जैसी प्रजातियों के पक्षी मौजूद हैं। पर्यटकों की सुविधा और आकर्षण के लिए एवीयरी के पास नए सेल्फी और फोटो पॉइंट्स बनाए गए हैं। खासकर स्कूली बच्चे एवीयरी देखने में बहुत रुचि दिखा रहे हैं और पर्यटकों की ओर से इसका काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

