KGMU में गरीब मरीजों के लिए संचालित निशुल्क इलाज योजनाओं में घोटाले की जांच दो महीने से डाक्यूमेंट्स के इंतजार में अटकी है। शासन की ओर से SIT गठित किए जाने के बावजूद समिति को जांच के लिए जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए। इस पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नाराजगी जताते हुए KGMU प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव आनंद कुमार त्रिपाठी ने KGMU रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर जांच समिति को तत्काल सभी मांगें गए अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा है। लेटर में नोडल अफसरों को सभी दस्तावेज SIT को तत्काल देने का कहा है। शासन के आदेश पर SIT का हुआ था गठन महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के 23 सितंबर के पत्र के मुताबिक KGMU में HRF मुख्यमंत्री राहत कोष, आयुष्मान भारत योजना, जन सुरक्षा योजना, दीनदयाल उपाध्याय योजना, असाध्य रोग योजना, आरबीएसके समेत अन्य योजनाओं में अनियमितता की शिकायतों की जांच हो रही है। शासन के 22 जुलाई के आदेश के बाद DGME की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया था। 2 लोगों को बनाया गया था नोडल KGMU कुलसचिव ने 25 जुलाई को गांधी स्मारक चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक और एचआरएफ सेल के अध्यक्ष डॉ.कुमार शांतनु को जांच के लिए नोडल अधिकारी नामित किया था। इसके बाद 17 सितंबर को DGME ने वित्त नियंत्रक और अकाउंट ऑफिसर एसएन मौर्य को 21 सितंबर तक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जांच समिति को आवश्यक अभिलेख नहीं मिल सके। शासन ने अब स्पष्ट किया है कि जांच के लिए मांगे गए सभी रिकॉर्ड संस्थान और जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता से प्राप्त कर समिति को उपलब्ध कराए जाएं।

