इलेक्ट्रिक वाहनों से लंबी दूरी का सफर तय करने वाले वाहन चालकों को अब जिले में बैटरी डिस्चार्ज होने की चिंता से मुक्ति मिलने जा रही है। परिवहन कार्यालय ने जिले की 16 प्रमुख जगहों पर पहले चरण में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर विभाग को अंतिम सहमति के लिए भेजा है। इस पूरी परियोजना के तहत बुनियादी संरचना का निर्माण ‘भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड’ द्वारा किया जाएगा। केंद्र सरकार की ‘पीएम ई-ड्राइव’ (रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट) योजना के तहत बनने वाले इन चार्जिंग स्टेशनों के लिए परिवहन और पथ निर्माण विभाग ने संयुक्त रूप से जमीन चिह्नित की है। इसी क्रम में स्थलों का साइट सर्वे करने के लिए भेल के अधिकारियों की एक विशेष तकनीकी टीम नालंदा पहुंची। टीम ने स्थानीय मोटर यान निरीक्षक प्रमोद कुमार की मौजूदगी में बिहारशरीफ सरकारी बस पड़ाव, एनएच-20 स्थित 17 नंबर मोड़, राजगीर बस पड़ाव और नालंदा के सूरजपुर पेट्रोल पंप के समीप की जमीनों का बारीकी से मुआयना किया। प्राथमिक निरीक्षण के बाद भेल की टीम ने इनमें से तीन प्रमुख स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन निर्माण के लिए अपनी सहमति दे दी है।
प्रोजेक्ट के लिए जिले की इन 16 जगहों का चयन परियोजना के लिए जिले के जिन 16 स्थलों को प्रस्तावित सूची में शामिल किया गया है, उनमें बिहारशरीफ सरकारी बस पड़ाव, एनएच 20 का 17 नंबर मोड़, सूरजपुर, मछियावां, दनियावां, हरिनगर, नगरनौसा, नरसंडा, चैनपुर, चेरन, अहरावां, नरूदा, सादिकपुर, ओप, अरावां-परवलपुर और मकनपुर शामिल हैं। सर्वेक्षण के दौरान अधिकारियों ने चयनित स्थलों पर बिजली आपूर्ति की कनेक्टिविटी, वाहनों के लिए सुगम पहुंच पथ और अन्य तकनीकी मानकों की गहन जांच की। जिला परिवहन पदाधिकारी रवि रंजन ने बताया कि साइट सर्वे के दौरान तकनीकी पहलुओं का आकलन पूरा कर लिया गया है और भेल की तकनीकी टीम की ओर से औपचारिक अनुशंसा रिपोर्ट सौंपते ही धरातल पर चार्जिंग स्टेशन लगाने की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी जाएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों से लंबी दूरी का सफर तय करने वाले वाहन चालकों को अब जिले में बैटरी डिस्चार्ज होने की चिंता से मुक्ति मिलने जा रही है। परिवहन कार्यालय ने जिले की 16 प्रमुख जगहों पर पहले चरण में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर विभाग को अंतिम सहमति के लिए भेजा है। इस पूरी परियोजना के तहत बुनियादी संरचना का निर्माण ‘भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड’ द्वारा किया जाएगा। केंद्र सरकार की ‘पीएम ई-ड्राइव’ (रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट) योजना के तहत बनने वाले इन चार्जिंग स्टेशनों के लिए परिवहन और पथ निर्माण विभाग ने संयुक्त रूप से जमीन चिह्नित की है। इसी क्रम में स्थलों का साइट सर्वे करने के लिए भेल के अधिकारियों की एक विशेष तकनीकी टीम नालंदा पहुंची। टीम ने स्थानीय मोटर यान निरीक्षक प्रमोद कुमार की मौजूदगी में बिहारशरीफ सरकारी बस पड़ाव, एनएच-20 स्थित 17 नंबर मोड़, राजगीर बस पड़ाव और नालंदा के सूरजपुर पेट्रोल पंप के समीप की जमीनों का बारीकी से मुआयना किया। प्राथमिक निरीक्षण के बाद भेल की टीम ने इनमें से तीन प्रमुख स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन निर्माण के लिए अपनी सहमति दे दी है।
प्रोजेक्ट के लिए जिले की इन 16 जगहों का चयन परियोजना के लिए जिले के जिन 16 स्थलों को प्रस्तावित सूची में शामिल किया गया है, उनमें बिहारशरीफ सरकारी बस पड़ाव, एनएच 20 का 17 नंबर मोड़, सूरजपुर, मछियावां, दनियावां, हरिनगर, नगरनौसा, नरसंडा, चैनपुर, चेरन, अहरावां, नरूदा, सादिकपुर, ओप, अरावां-परवलपुर और मकनपुर शामिल हैं। सर्वेक्षण के दौरान अधिकारियों ने चयनित स्थलों पर बिजली आपूर्ति की कनेक्टिविटी, वाहनों के लिए सुगम पहुंच पथ और अन्य तकनीकी मानकों की गहन जांच की। जिला परिवहन पदाधिकारी रवि रंजन ने बताया कि साइट सर्वे के दौरान तकनीकी पहलुओं का आकलन पूरा कर लिया गया है और भेल की तकनीकी टीम की ओर से औपचारिक अनुशंसा रिपोर्ट सौंपते ही धरातल पर चार्जिंग स्टेशन लगाने की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी जाएगी।

