कानपुर देहात के जिला मुख्यालय माती स्थित जजेस कॉलोनी कंपाउंड में रविवार शाम 5 बजे प्रॉपर्टी डीलर का शव पेड़ पर लटका मिला। हाथ-पैर पर खून के निशान मिले। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया। लेकिन पुलिस सुसाइड मान रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों का कहना है प्लॉटिंग के काम में प्रॉपर्टी डीलर का करीब 50 लाख रुपए बकाया था। इस कारण वह परेशान चल रहे थे। अरुण प्रताप (42) शिवली कोतवाली क्षेत्र के जैतपुर शिवली गांव के रहने वाले थे। अरुण अकबरपुर क्षेत्र में प्लॉटिंग का काम करते थे। वह कानपुर के लाल बंगला इलाके में पत्नी बॉबी और दो बच्चों के साथ किराए पर रहते थे। पेड़ पर लटका मिला शव, फॉरेंसिक टीम पहुंची पुलिस को शाम करीब 5 बजे जजेस कॉलोनी कंपाउंड में पेड़ पर शव लटका होने की सूचना मिली। अकबरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। करीब 6 बजे सदर सीओ संजय सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। कपड़ों की स्थिति और खून के निशान पर सवाल अरुण ने पैंट पहन रखी थी। पैंट का बटन खुला हुआ था। उनके हाथ और पैरों के पंजों पर खून के निशान मिले। इसे लेकर परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि शव पर चीटियां लगी थीं। उनके कारण खून निकलने की आशंका है। इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। रात 2 बजे पत्नी से हुई थी आखिरी बातचीत परिजनों के अनुसार, अरुण की पत्नी बॉबी से शनिवार रात करीब 2 बजे आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद या संपर्क से बाहर हो गया। इससे पहले शनिवार शाम करीब 3 बजे वह पत्नी से अकबरपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था। चाचा के बेटे ने सुबह किया था फोन अरुण के चाचा के बेटे गोलू ने बताया- शनिवार रात करीब 9 बजे तक अरुण ने उसके मोबाइल पर छह बार कॉल की थी। उस समय गोलू कंपनी में काम पर था। इसलिए वह कॉल रिसीव नहीं कर सका। सुबह उसने अरुण को वापस फोन किया। फोन की घंटी जाती रही, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं की। पुलिस ने करीब 6 बजे दी परिजनों को सूचना पुलिस ने रविवार शाम करीब 6 बजे परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन रात करीब 9 बजे अकबरपुर कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। संवेदनशील परिसर में कैसे पहुंचा अरुण? जजेस कॉलोनी कंपाउंड जिला मुख्यालय का संवेदनशील परिसर है। यहां जिला जज समेत कई न्यायिक अधिकारियों के आवास हैं। करीब 100 मीटर की दूरी पर एसपी का आवास है। इसके अलावा एडीएम, सीडीओ और एडीएम प्रशासन के आवास भी आसपास हैं। कुछ दूरी पर डीएम और एसपी समेत जिला स्तरीय अधिकारियों के कार्यालय हैं। पुलिस बोली- प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला सीओ संजय सिंह के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। उन्होंने बताया कि जजेस कंपाउंड की बाउंड्री ज्यादा ऊंची नहीं है। दूसरी तरफ कुछ मकान भी बन रहे हैं। आशंका है कि कोई उस तरफ से कंपाउंड के अंदर आया हो। इस बिंदु की भी जांच की जा रही है। 50 लाख रुपए बकाया होने की बात, परिजन जता रहे हत्या की आशंका परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक, प्लॉटिंग के काम में अरुण का करीब 50 लाख रुपए बकाया था। इसके चलते वह परेशान चल रहा था। अब यह भी जांच का विषय है कि करीब 50 किलोमीटर दूर रहने वाला अरुण जिला मुख्यालय के इस संवेदनशील परिसर तक कैसे पहुंचा। वह खुद वहां गया था या किसी के साथ आया था, इसकी भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से साफ होगी वजह फिलहाल पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही अरुण की मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।

