शेखपुरा में साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए स्कूली बच्चों के बीच एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने बच्चों को साइबर ठगी से बचने के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को स्लाइड पर एक फिल्म दिखाकर साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीके समझाए गए। उन्हें किसी भी अनजान लिंक को न खोलने और अपने मोबाइल पर आने वाले ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। ”जागरूकता के माध्यम से ही बचाव” बच्चों को साइबर फ्रॉड की स्थिति में देशव्यापी टोल फ्री नंबर 1930 पर मदद के लिए संपर्क करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, स्थानीय पुलिस, साइबर थाना पुलिस और डायल सेवा 112 पर भी संपर्क करने की सलाह दी गई। जिलाधिकारी और एसपी ने कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्राप्त जानकारी की परीक्षा भी ली। अधिकारियों ने बताया कि जिले में साइबर फ्रॉड के हॉटस्पॉट बन गए हैं, जहां लोगों को जागरूकता के माध्यम से ही बचाव कराया जा सकता है। बच्चों से यह भी आग्रह किया गया कि वे इन जानकारियों को अपने आसपास के लोगों के साथ भी साझा करें। शेखपुरा में साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए स्कूली बच्चों के बीच एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने बच्चों को साइबर ठगी से बचने के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को स्लाइड पर एक फिल्म दिखाकर साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीके समझाए गए। उन्हें किसी भी अनजान लिंक को न खोलने और अपने मोबाइल पर आने वाले ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। ”जागरूकता के माध्यम से ही बचाव” बच्चों को साइबर फ्रॉड की स्थिति में देशव्यापी टोल फ्री नंबर 1930 पर मदद के लिए संपर्क करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, स्थानीय पुलिस, साइबर थाना पुलिस और डायल सेवा 112 पर भी संपर्क करने की सलाह दी गई। जिलाधिकारी और एसपी ने कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्राप्त जानकारी की परीक्षा भी ली। अधिकारियों ने बताया कि जिले में साइबर फ्रॉड के हॉटस्पॉट बन गए हैं, जहां लोगों को जागरूकता के माध्यम से ही बचाव कराया जा सकता है। बच्चों से यह भी आग्रह किया गया कि वे इन जानकारियों को अपने आसपास के लोगों के साथ भी साझा करें।

