नालंदा के नूरसराय प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय परासी में मिड-डे मील खाने से दो दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। खाना खाने के बाद बच्चों को गले में तेज जलन और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में सभी को अस्पताल लाया गया। खाने में डिटर्जेंट के स्वाद का आरोप पीड़ित छात्रा प्रीति कुमारी ने बताया कि मंगलवार को खाने में बच्चों को चावल और आलू-सोयाबीन की सब्जी परोसी गई थी। खाना खाते ही उसमें डिटर्जेंट पाउडर (सर्फ) जैसा स्वाद लगा। ऐसा लग रहा था कि सब्जी नमक की जगह सर्फ दे दिया गया था, जिसे खाते ही एक-एककर बच्चे बीमार पड़ने लगे। डेंटल कॉलेज से सदर अस्पताल रेफर घटना के तुरंत बाद फूड पॉइजनिंग के शिकार बच्चों को नजदीकी डेंटल कॉलेज, भागन बीघा ले जाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी बीमार बच्चों को बेहतर इलाज के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल अस्पताल में बच्चों का इलाज जारी है। मामले की छानबीन की जा रही है मध्य विद्यालय परासी में करीब 200 बच्चे पढ़ते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं। प्रशासन की ओर से भोजन के नमूने की जांच कराने की तैयारी की जा रही है। नालंदा के नूरसराय प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय परासी में मिड-डे मील खाने से दो दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। खाना खाने के बाद बच्चों को गले में तेज जलन और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में सभी को अस्पताल लाया गया। खाने में डिटर्जेंट के स्वाद का आरोप पीड़ित छात्रा प्रीति कुमारी ने बताया कि मंगलवार को खाने में बच्चों को चावल और आलू-सोयाबीन की सब्जी परोसी गई थी। खाना खाते ही उसमें डिटर्जेंट पाउडर (सर्फ) जैसा स्वाद लगा। ऐसा लग रहा था कि सब्जी नमक की जगह सर्फ दे दिया गया था, जिसे खाते ही एक-एककर बच्चे बीमार पड़ने लगे। डेंटल कॉलेज से सदर अस्पताल रेफर घटना के तुरंत बाद फूड पॉइजनिंग के शिकार बच्चों को नजदीकी डेंटल कॉलेज, भागन बीघा ले जाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी बीमार बच्चों को बेहतर इलाज के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल अस्पताल में बच्चों का इलाज जारी है। मामले की छानबीन की जा रही है मध्य विद्यालय परासी में करीब 200 बच्चे पढ़ते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं। प्रशासन की ओर से भोजन के नमूने की जांच कराने की तैयारी की जा रही है।

