जहानाबाद जिले के सदर अस्पताल सहित जिले के सातों प्रखंडों के अस्पतालों में तैनात सुरक्षा गार्डों और सुरक्षा कर्मियों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व सिक्योरिटी गार्ड राजकिशोर शर्मा ने किया। प्रदर्शन के बाद, कर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया से मिला। उन्होंने जिला पदाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि वे अस्पतालों में दिन-रात ड्यूटी करते हैं, लेकिन समय पर वेतन का भुगतान न होने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मियों के अनुसार, लगभग दो महीने का वेतन लंबित है। नई एजेंसी आने के बाद बढ़ीं सुरक्षा कर्मियों की मुश्किलें इसके अतिरिक्त, सुरक्षा कर्मियों ने ईपीएफ (EPF) सहित अन्य देय सुविधाओं का लाभ न मिलने की भी शिकायत की। उनका कहना है कि पुरानी एजेंसी के स्थान पर नई एजेंसी के आने के बाद से उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। एजेंसी बदलने के बाद से भुगतान सहित कई मामलों में उन्हें परेशानी हो रही है। राजकिशोर शर्मा ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों और विभागीय पदाधिकारियों को सूचना दी गई थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उन्होंने प्रशासन से लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान कराने, ईपीएफ समेत अन्य लंबित देयकों का निपटारा कराने और नई एजेंसी से जुड़ी समस्याओं को दूर करने की मांग की। जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने सुरक्षा कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई तथा जल्द समाधान का आश्वासन दिया। वहीं, सुरक्षा कर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और उन्हें संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। सुरक्षा कर्मियों के इस प्रदर्शन के कारण अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। जहानाबाद जिले के सदर अस्पताल सहित जिले के सातों प्रखंडों के अस्पतालों में तैनात सुरक्षा गार्डों और सुरक्षा कर्मियों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व सिक्योरिटी गार्ड राजकिशोर शर्मा ने किया। प्रदर्शन के बाद, कर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया से मिला। उन्होंने जिला पदाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि वे अस्पतालों में दिन-रात ड्यूटी करते हैं, लेकिन समय पर वेतन का भुगतान न होने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मियों के अनुसार, लगभग दो महीने का वेतन लंबित है। नई एजेंसी आने के बाद बढ़ीं सुरक्षा कर्मियों की मुश्किलें इसके अतिरिक्त, सुरक्षा कर्मियों ने ईपीएफ (EPF) सहित अन्य देय सुविधाओं का लाभ न मिलने की भी शिकायत की। उनका कहना है कि पुरानी एजेंसी के स्थान पर नई एजेंसी के आने के बाद से उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। एजेंसी बदलने के बाद से भुगतान सहित कई मामलों में उन्हें परेशानी हो रही है। राजकिशोर शर्मा ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों और विभागीय पदाधिकारियों को सूचना दी गई थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उन्होंने प्रशासन से लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान कराने, ईपीएफ समेत अन्य लंबित देयकों का निपटारा कराने और नई एजेंसी से जुड़ी समस्याओं को दूर करने की मांग की। जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने सुरक्षा कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई तथा जल्द समाधान का आश्वासन दिया। वहीं, सुरक्षा कर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और उन्हें संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। सुरक्षा कर्मियों के इस प्रदर्शन के कारण अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।

