पुलिस की मौजूदगी में डीजे पर डांस करती दिखी डांसर:सीवान में महावीरी झंडा जुलूस में हथियारों का प्रदर्शन, नर्तकियों को देखने के लिए जुटी भीड़

पुलिस की मौजूदगी में डीजे पर डांस करती दिखी डांसर:सीवान में महावीरी झंडा जुलूस में हथियारों का प्रदर्शन, नर्तकियों को देखने के लिए जुटी भीड़

सीवान में एक महीने तक चलने वाले महावीरी झंडा मेले की सोमवार को शुरुआत हो गई है। बड़हरिया प्रखंड के भलुआरा गांव से निकले महावीरी झंडा जुलूस के दौरान सड़क पर खुलेआम बड़े-बड़े डीजे बजते नजर आए। साथ ही, ट्रॉली के ऊपर कम कपड़ों में नर्तकियां डांस करती रही और उनके आसपास युवकों की भीड़ लाठी-डंडे के साथ तलवार व अन्य धारदार हथियार लहराती दिखी। इस दौरान मौके पर पुलिस के वरीय अधिकारियों और कई थानाध्यक्ष मौजूद थे। लेकिन इन गतिविधियों को रोकने की कोई प्रभावी कोशिश दिखाई नहीं दी। दरअसल, महावीरी झंडा जुलूस को लेकर जिला प्रशासन की ओर से पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। डीएम विवेक रंजन मैत्रेय और एसपी पूरन कुमार झा ने एसडीओ, एसडीपीओ, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों और थानाध्यक्षों के साथ बैठक कर जुलूस के दौरान डीजे पर प्रतिबंध तथा सड़कों पर ऑर्केस्ट्रा नहीं कराने का निर्देश दिया था। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी भी दी गई थी। नर्तकियों का डांस देखने के लिए जुटी लोगों की भीड़ लेकिन भलुआरा में सोमवार को इन निर्देशों की खुलेआम अनदेखी होती दिखाई दी। गांव में एक-दो नहीं, बल्कि करीब आधा दर्जन जुलूस निकले। इन जुलूसों में बड़ी-बड़ी ट्रॉलियों पर डीजे लगाए गए थे और तेज आवाज में संगीत बजाया जा रहा था। इसी ट्रॉली के ऊपर कई नर्तकियां कम कपड़ों में डांस करती नजर आईं। सड़क पर जुलूस के साथ चल रही भीड़ के बीच उनका डांस काफी देर तक चलता रहा। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि कार्यक्रम को देखने के लिए सड़क पर बड़ी संख्या में लोग जमा थे। इसी दौरान जुलूस में शामिल कई युवकों के हाथों में लाठी-डंडे के अलावा तलवार और अन्य धारदार हथियार भी दिखाई दिए। हथियारों को खुलेआम लहराते हुए युवक जुलूस के साथ आगे बढ़ते नजर आए। ऐसे में किसी भी तरह की अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। खास बात यह है कि हथियारों के इस प्रदर्शन के साथ ही डीजे और नर्तकियों का कार्यक्रम भी सड़क पर चलता रहा। हथियारों के प्रदर्शन पर पुलिस ने नहीं लिया एक्शन वीडियो में मौके पर पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है। बताया गया कि महाराजगंज एसडीपीओ अमन के अलावा बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार, जामो थानाध्यक्ष धीरज कुमार और जीबी नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह भी वहां मौजूद थे। इसके बावजूद प्रतिबंधित डीजे, सड़क पर ऑर्केस्ट्रा और हथियारों के प्रदर्शन पर तत्काल रोक नहीं लगने से पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। सबसे गंभीर पहलू सुरक्षा से जुड़ा है। जिस ऊंची ट्रॉली पर नर्तकियां डांस कर रही थीं, उसके बेहद नजदीक से हाईटेंशन बिजली की लाइन गुजरती दिखाई दे रही है। ऐसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह का आयोजन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। सवाल यह है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने इस खतरे को क्यों नहीं रोका? महावीरी झंडा मेला आस्था और परंपरा का आयोजन है। लेकिन परंपरा की आड़ में प्रशासन के अपने निर्देशों की धज्जियां उड़ना, सड़क पर प्रतिबंधित डीजे और ऑर्केस्ट्रा चलना, नर्तकियों से खुलेआम नृत्य कराया जाना और हथियारों का प्रदर्शन होना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। सीवान में एक महीने तक चलने वाले महावीरी झंडा मेले की सोमवार को शुरुआत हो गई है। बड़हरिया प्रखंड के भलुआरा गांव से निकले महावीरी झंडा जुलूस के दौरान सड़क पर खुलेआम बड़े-बड़े डीजे बजते नजर आए। साथ ही, ट्रॉली के ऊपर कम कपड़ों में नर्तकियां डांस करती रही और उनके आसपास युवकों की भीड़ लाठी-डंडे के साथ तलवार व अन्य धारदार हथियार लहराती दिखी। इस दौरान मौके पर पुलिस के वरीय अधिकारियों और कई थानाध्यक्ष मौजूद थे। लेकिन इन गतिविधियों को रोकने की कोई प्रभावी कोशिश दिखाई नहीं दी। दरअसल, महावीरी झंडा जुलूस को लेकर जिला प्रशासन की ओर से पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। डीएम विवेक रंजन मैत्रेय और एसपी पूरन कुमार झा ने एसडीओ, एसडीपीओ, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों और थानाध्यक्षों के साथ बैठक कर जुलूस के दौरान डीजे पर प्रतिबंध तथा सड़कों पर ऑर्केस्ट्रा नहीं कराने का निर्देश दिया था। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी भी दी गई थी। नर्तकियों का डांस देखने के लिए जुटी लोगों की भीड़ लेकिन भलुआरा में सोमवार को इन निर्देशों की खुलेआम अनदेखी होती दिखाई दी। गांव में एक-दो नहीं, बल्कि करीब आधा दर्जन जुलूस निकले। इन जुलूसों में बड़ी-बड़ी ट्रॉलियों पर डीजे लगाए गए थे और तेज आवाज में संगीत बजाया जा रहा था। इसी ट्रॉली के ऊपर कई नर्तकियां कम कपड़ों में डांस करती नजर आईं। सड़क पर जुलूस के साथ चल रही भीड़ के बीच उनका डांस काफी देर तक चलता रहा। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि कार्यक्रम को देखने के लिए सड़क पर बड़ी संख्या में लोग जमा थे। इसी दौरान जुलूस में शामिल कई युवकों के हाथों में लाठी-डंडे के अलावा तलवार और अन्य धारदार हथियार भी दिखाई दिए। हथियारों को खुलेआम लहराते हुए युवक जुलूस के साथ आगे बढ़ते नजर आए। ऐसे में किसी भी तरह की अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। खास बात यह है कि हथियारों के इस प्रदर्शन के साथ ही डीजे और नर्तकियों का कार्यक्रम भी सड़क पर चलता रहा। हथियारों के प्रदर्शन पर पुलिस ने नहीं लिया एक्शन वीडियो में मौके पर पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है। बताया गया कि महाराजगंज एसडीपीओ अमन के अलावा बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार, जामो थानाध्यक्ष धीरज कुमार और जीबी नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह भी वहां मौजूद थे। इसके बावजूद प्रतिबंधित डीजे, सड़क पर ऑर्केस्ट्रा और हथियारों के प्रदर्शन पर तत्काल रोक नहीं लगने से पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। सबसे गंभीर पहलू सुरक्षा से जुड़ा है। जिस ऊंची ट्रॉली पर नर्तकियां डांस कर रही थीं, उसके बेहद नजदीक से हाईटेंशन बिजली की लाइन गुजरती दिखाई दे रही है। ऐसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह का आयोजन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। सवाल यह है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने इस खतरे को क्यों नहीं रोका? महावीरी झंडा मेला आस्था और परंपरा का आयोजन है। लेकिन परंपरा की आड़ में प्रशासन के अपने निर्देशों की धज्जियां उड़ना, सड़क पर प्रतिबंधित डीजे और ऑर्केस्ट्रा चलना, नर्तकियों से खुलेआम नृत्य कराया जाना और हथियारों का प्रदर्शन होना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।  

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