जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा संदिग्ध आतंकी मेरठ से गिरफ्तार:पूर्णिया का रहने वाला है मोहम्मद जफर; मदरसे के नाम पर चंदा जुटाकर पाकिस्तान भेजने का आरोप

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा संदिग्ध आतंकी मेरठ से गिरफ्तार:पूर्णिया का रहने वाला है मोहम्मद जफर; मदरसे के नाम पर चंदा जुटाकर पाकिस्तान भेजने का आरोप

उत्तर प्रदेश एटीएस ने मेरठ से संदिग्ध आतंकी मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। जफर पूर्णिया के रौटा थाना क्षेत्र अंतर्गत मीरगंज का रहने वाला है। उस पर कथित तौर पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने और मदरसे के नाम पर चंदा इकट्ठा कर पाकिस्तान भेजने का आरोप है। मोहम्मद जफर के खिलाफ यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जफर मेरठ के मदरसे में पढ़ाई करता था। जैश से संपर्क, अजहर मसूद के भाषण से था प्रभावित एटीएस का दावा है कि जफर मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित था और कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को हिंसक जिहाद के लिए उकसाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, जफर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं से संपर्क साधता था। उन्हें जिहाद और हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाने और बरगलाने का काम कर रहा था। मदरसे के नाम पर चंदा और टेरर फंडिंग का नेटवर्क एटीएस के मुताबिक प्रारंभिक जांच के अनुसार, मोहम्मद जफर वर्तमान में मेरठ के एक मदरसे में रहकर पढ़ाई कर रहा था। आरोप है कि वह मदरसे के नाम पर स्थानीय स्तर पर चंदा इकट्ठा करता था और इस राशि को अवैध माध्यमों से पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाता था। यूएपीए के तहत मामला दर्ज, आगे की जांच जारी एटीएस ने जफर को 16 अगस्त को मेरठ से हिरासत में लिया, जिसके बाद पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ यूपीए और संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जफर के संपर्क में और कौन-कौन से लोग थे। इस टेरर फंडिंग नेटवर्क में उसके साथ अन्य कौन से स्थानीय या विदेशी हैंडलर शामिल है। उत्तर प्रदेश एटीएस ने मेरठ से संदिग्ध आतंकी मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। जफर पूर्णिया के रौटा थाना क्षेत्र अंतर्गत मीरगंज का रहने वाला है। उस पर कथित तौर पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने और मदरसे के नाम पर चंदा इकट्ठा कर पाकिस्तान भेजने का आरोप है। मोहम्मद जफर के खिलाफ यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जफर मेरठ के मदरसे में पढ़ाई करता था। जैश से संपर्क, अजहर मसूद के भाषण से था प्रभावित एटीएस का दावा है कि जफर मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित था और कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को हिंसक जिहाद के लिए उकसाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, जफर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं से संपर्क साधता था। उन्हें जिहाद और हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाने और बरगलाने का काम कर रहा था। मदरसे के नाम पर चंदा और टेरर फंडिंग का नेटवर्क एटीएस के मुताबिक प्रारंभिक जांच के अनुसार, मोहम्मद जफर वर्तमान में मेरठ के एक मदरसे में रहकर पढ़ाई कर रहा था। आरोप है कि वह मदरसे के नाम पर स्थानीय स्तर पर चंदा इकट्ठा करता था और इस राशि को अवैध माध्यमों से पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाता था। यूएपीए के तहत मामला दर्ज, आगे की जांच जारी एटीएस ने जफर को 16 अगस्त को मेरठ से हिरासत में लिया, जिसके बाद पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ यूपीए और संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जफर के संपर्क में और कौन-कौन से लोग थे। इस टेरर फंडिंग नेटवर्क में उसके साथ अन्य कौन से स्थानीय या विदेशी हैंडलर शामिल है।  

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