करौली. अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) की जिला इकाई की ओर से केरल के कासरगोड जिले में स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर से संबंधित प्रश्न पूछे जाने के मामले में शिक्षक श्रीगुरु प्रसाद के निलंबन के विरोध में सोमवार को प्रधानमंत्री, केरल के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
महासंघ के जिला प्रवक्ता राजेन्द्र दीवान ने बताया कि महासंघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार मीना के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षक श्री गुरु प्रसाद का निलंबन तत्काल वापस लेकर उन्हें सम्मानपूर्वक सेवा में बहाल करने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व से संबंधित प्रश्न पूछना न तो अपराध है और न ही अनुशासनहीनता। यदि प्रश्न में कोई तथ्यात्मक अथवा भाषाई त्रुटि थी तो उसे सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए था। स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व्यक्तित्व हैं। इतिहास को राजनीतिक अथवा वैचारिक दबाव से मुक्त रखते हुए तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर पढ़ाया जाना आवश्यक है। महासंघ ने शिक्षक की अकादमिक स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा की मांग की। ज्ञापन सौंपते समय महासंघ के जिला कोषाध्यक्ष बृजेश कुमार शर्मा, महिला मंत्री मंजू तिवाड़ी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामावतार मीणा, चैतन्य पाल, बत्ती लाल मीना, महेन्द्र कुमार गुप्ता, गणेश सिंह जादौन, अश्विनी पाराशर, अखिलेश कुमार शर्मा, समय सिंह, गणपत मीना, मदनमोहन, सहित अनेक पदाधिकारी, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। उपस्थित शिक्षकों ने श्री गुरु प्रसाद के निलंबन को वापस लेने तथा देशभर में शिक्षकों की अकादमिक स्वतंत्रता एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग का समर्थन किया।
करौली. एडीएम को ज्ञापन सौंपते महासंघ के पदाधिकारी व सदस्य।

