पथरी के ऑपरेशन के चार दिन बाद महिला की मौत:डॉक्टर ने पहुंचाया डायफ्राम तक घाव, 25 साल की पूजा की मौत; पोस्टमार्टम में ‘स्किल की कमी’ का जिक्र

पथरी के ऑपरेशन के चार दिन बाद महिला की मौत:डॉक्टर ने पहुंचाया डायफ्राम तक घाव, 25 साल की पूजा की मौत; पोस्टमार्टम में ‘स्किल की कमी’ का जिक्र

इंदौर में पथरी का ऑपरेशन करवाना एक महिला के परिवार को भारी पड़ गया। पथरी के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने ऐसा छेद किया कि वह उसकी किडनी को भेदते हुए निकल गया। खुड़ैल क्षेत्र की 25 वर्षीय पूजा सिसोदिया की पथरी के ऑपरेशन के चार दिन बाद मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इलाज की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में सामने आया है कि ऑपरेशन के दौरान सर्जरी का रास्ता 10वीं-11वीं पसलियों के पीछे के हिस्से से होते हुए डायफ्राम और दाहिनी किडनी के बाहरी हिस्से तक गया था। डायफ्राम में करीब 0.7×0.6 सेंटीमीटर का आर-पार सर्जिकल घाव मिला है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने अपनी राय में लिखा है कि मिले तथ्य ‘सर्जिकल प्रोसेस में इलाज करने वाले डॉक्टर में स्किल की कमी’ की ओर इशारा करते हैं। हालांकि विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। यह ऑपरेशन एमवाय अस्पताल के यूरोसर्जन डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने नोबल अस्पताल में जाकर किया था। डॉक्टर ने इलाज में किसी तरह की लापरवाही से इनकार करते हुए बताया है कि पूजा की एक किडनी पहले से कमजोर थी और बाद में उसे डायलिसिस की जरूरत पड़ी। ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई हालत परिजनों के मुताबिक पूजा को 22 जुलाई को दूधिया स्थित नोबल अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। 23 जुलाई को डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने ऑपरेशन किया। इसके बाद पूजा का यूरिन आना बंद हो गया। परिजनों ने डॉक्टर को इसकी जानकारी दी, लेकिन स्थिति सामान्य बताते हुए जल्द ठीक होने की बात कही गई। इसी दौरान पूजा के हाथ-पैर पर काले रंग के घाव भी दिखाई देने लगे। तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो 25 जुलाई को उन्हें जूनी इंदौर के एवीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने यूरिन में संक्रमण की जानकारी दी। 26 जुलाई को इलाज के दौरान पूजा की मौत हो गई। दाहिनी पीठ के निचले हिस्से में करीब 1.3 सेमी लंबा सर्जिकल घाव, जिसमें एक टांका था। मां की तस्वीर साथ रखता है 8 साल का दक्ष पूजा की मौत का सबसे दर्दनाक असर उसके आठ वर्षीय बेटे दक्ष पर पड़ा है। पति से तलाक के बाद पूजा ही उसकी देखभाल कर रही थीं। वह मायके में रहकर ब्यूटी पार्लर चलाती थीं और बेटे की परवरिश करती थीं। अब दक्ष दिनभर मां की तस्वीर अपने साथ रखता है। परिवार के मुताबिक वह बार-बार मां को पुकारता है और पूछता है कि मम्मी कब आएंगी। उसकी नानी उसे संभाल रही हैं। परिवार के मुताबिक पूजा के पिता का भी करीब चार महीने पहले निधन हुआ था। दक्ष ने रुआंसे होकर कहा कि उसे मम्मी की बहुत याद आती है और उसे न्याय चाहिए। सरकारी डॉक्टर की निजी प्रैक्टिस पर भी सवाल मामले में एक दूसरा सवाल भी उठ रहा है। जानकारी के अनुसार एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े सरकारी डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस या सर्जरी के लिए डीन की अनुमति लेना होती है और सर्जरी से मिलने वाली राशि का एक हिस्सा कॉलेज में जमा करने का प्रावधान है। जानकारी के मुताबिक डॉ. श्रीवास्तव ने इस सर्जरी के लिए डीन से अनुमति नहीं ली थी। मध्यप्रदेश शासन के 1997 और 1999 के आदेशों के साथ हाईकोर्ट के 14 मई 2024 के फैसले में भी मेडिकल कॉलेजों और शासकीय मेडिकल संस्थानों के डॉक्टरों पर निजी प्रैक्टिस से जुड़े प्रतिबंधों का उल्लेख किया गया है। विशेषज्ञ ने कहा- स्किल की कमी का मतलब स्पष्ट करना होगा जिला अस्पताल के रिटायर्ड पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉ. भरत वाजपेई के मुताबिक, यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर की स्किल की कमी का उल्लेख किया गया है तो यह लापरवाही की ओर संकेत कर सकता है। हालांकि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि डॉक्टर में किस तरह की स्किल की कमी पाई गई। इसके बाद ही पुलिस को आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। ये खबर भी पढ़ें… महिला के पेट से निकली फुटबॉल के आकार की गांठ इंदौर में डॉक्टरों ने एक जटिल और दुर्लभ चिकित्सा सर्जरी कर महिला के पेट से फुटबॉल के आकार की बड़ी गांठ निकालकर नया जीवन दिया। कुछ दिनों बाद पेट में तेज दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी।ये खबर भी पढ़ें

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